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महाविद्यालय की बेशकिमती जमीन पर अतिक्रमण, कॉलेज प्रशासन व छात्रों ने दिए ज्ञापन पर ज्ञापन

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  बांसवाड़ा/राजस्थान।। अतिक्रमण की अवैध विस्तारवादी आजकल लोगो में गैरकानूनी रूप से अपनी संपत्ति को बढ़ाने ना केवल एक मुख्य जरिया बन चुकी बल्कि कुछ लोग तो अब अतिक्रमण की जद में महाविद्यालय को भी नहीं बख्श रहे है।
  
  महाविद्यालय की बेशकिमती जमीन पर अतिक्रमण एक ऐसा ही मामला आज हमारे सामने है, जिससे पीड़ित कॉलेज प्रशासन व छात्रों ने ना जाने कितनी बार उचित कार्रवाई को लेकर कई जिम्मेदारों को ज्ञापन पर ज्ञापन दिए लेकिन हालात बदस्तूर बदलने को राज़ी नहीं है। 
  जी हां राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ में स्थित मामा बालेश्वर दयाल महाविद्यालय की बेशकिमती जमीन पर अतिक्रमण को लेकर कॉलेज प्रशासन ने उच्चाधिकारियों को अनेक बार पत्र व्यवहार किए वहीं कॉलेज छात्र संघ ने भी कुशलगढ़ उपखंड अधिकारी चंद्रशेखर भंडारी को ज्ञापन सौंपा जिसमें कॉलेज की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को हटाए जाने की माँग करते हुए पुरे महाविद्यालय की जमीन का सीमाकन की भी मांग की गई है। 
  वही छात्र संघ का आरोप है कि कई बार ज्ञापन पर ज्ञापन देने के बावजूद ना तो उपखंड प्रशासन व ना ही जिला प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है, जिसके चलतें अतिक्रमण करने वालों के होंसले बुलंद हैं। प्राचार्य डॉ. महेंद्र कुमार देपन तथा भारतीय ट्रायबल पार्टी (बिटीपी) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विजय भाई मईडा ने भी इस बाबत प्रशासन की उदासीनता पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहां की सरकार व प्रशासन इस और ध्यान देवे। 
  इधर मामा बालेश्वर दयाल महाविद्यालय कुशलगढ़ के छात्र संघ अध्यक्ष मनीष मुणीया ने कहां की बार-बार प्रशासन को कार्रवाई के लिए अवगत कराया गया है, वहीं महा सचिव विवेश कटारा ने कहा की महाविद्यालय की बेशकिमती जमीन पर अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं संयुक्त सचिव सुश्री रक्षा मईडा ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा की बार-बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया फिर भी प्रशासन का ध्यान नहीं देने से अतिक्रमण करने वालो के होंसले बुंलदियों पर है। वही क्षेत्रवासियों ने मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा है कि आखिर सीमाकंन व अतिक्रमण हटाने में देरी क्यो की जा रही है? मामा बालेश्वर दयाल महाविद्यालय की विकास समिति ने अतिक्रमण की जगह पर चार दिवारी बनाने हेतु प्रस्ताव भी पारित किया लेकिन सीमांकन के अभाव में कार्य नहीं हो पा रहा है। 

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