15 लाख रुपये मौताणे की मांग को लेकर शव का अपमान; राजकार्य में बाधा डालने पर पाटन पुलिस की सख्त कार्रवाई, 16 नामजद सहित 36 के खिलाफ मामला दर्ज
बांसवाड़ा/राजस्थान।। बांसवाड़ा जिले के पाटन थाना क्षेत्र में 'मौताणा प्रथा' के नाम पर शव का अपमान करने, हंगामा खड़ा करने और पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। एक व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों और रिश्तेदारों ने 15 लाख के मौताणे की मांग को लेकर न केवल बवाल काटा, बल्कि लाश को बंधक बनाकर घर जलाने तक की धमकी दे डाली। पाटन थाना पुलिस ने इस मामले में त्वरित और सख्त एक्शन लेते हुए 16 नामजद आरोपियों सहित 36 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब पुलिस टीम गांव सातलिया पहुंची। वहां मृतक के परिजन और उसकी पत्नी वनिता के पिता 'देवा पिता नाथू आगलियार' के घर पर शव को जबरन रखने की कोशिश कर रहे थे।
मौके पर मौजूद थानाधिकारी और पुलिस जाप्ते ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी उग्र हो गए। उन्होंने पुलिस को सीधे तौर पर धमकियां देते हुए कहा—
"हमें मौताणे के 15 लाख रुपये दिलाओ, नहीं तो हम मृतक की लाश को यहीं जला देंगे।"
शव को लावारिस छोड़ भागे परिजन, पुलिस ने बचाई गरिमा
पुलिस के बार-बार समझाने के बाद भी आरोपी नहीं माने और देर रात मृतक के शव को ससुर देवा के घर पर ही लावारिस छोड़कर अपने गांव राजापुरा चले गए। पुलिस टीम जब समझाइश के लिए राजापुरा पहुंची, तो वहां भी आरोपी 15 लाख की मांग पर अड़े रहे।
संक्रमण फैलने के खतरे और मृतक के सम्मान (शव की गरिमा) को ध्यान में रखते हुए थानाधिकारी ने तुरंत फैसला लिया। पुलिस ने शव को सुरक्षित सरकारी वाहन में रखवाया और उसे महात्मा गांधी अस्पताल (MGH) की मोर्चरी में रखवाया।
50,000 की लिखापढ़ी और घर जलाने की धमकी
हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने 50,000 एडवांस लेकर एक मौताणे का इकरारनामा (लिखावट) तैयार किया और थानाधिकारी को पेश कर अल्टीमेटम दे दिया कि— "अगर 5 दिन के भीतर 15 लाख नहीं मिले, तो हम देवा का मकान जला देंगे।"
आखिरकार, गांव के मौजिज (मौजद) लोगों और पुलिस जाप्ते की भारी समझाइश के बाद, पुलिस सुरक्षा के बीच शव को पोस्टमार्टम और दाह संस्कार के लिए परिजनों को सुपुर्द किया गया।
इन आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
शव का अपमान करने, जबरन वसूली (मौताणा मांगने) और राजकार्य में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में पुलिस ने 16 नामजद और 20 अन्य (कुल 36) लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। नामजद आरोपियों की सूची इस प्रकार है:
धुलजी पिता मानसिंग डामोर (उम्र 54 वर्ष, निवासी- थांदला, MP)
भावचन्द चारेल पिता शंकर चारेल (उम्र 48 वर्ष, निवासी- हल्दुपाडा)
भुरा पिता मानसिंग डामोर (उम्र 52 वर्ष, निवासी- थांदला, MP)
परवेश चारेल पिता जीवन चारेल (उम्र 30 वर्ष, निवासी- ओडवा)
भारत डामोर पिता लखमा डामोर (उम्र 54 वर्ष, निवासी- खानापाडा)
भेरू वसुनिया पिता भुरा वसुनिया (उम्र 48 वर्ष, निवासी- खारचीया धोलका बस्सी)
अंजु पिता धुलजी डामोर (निवासी- राजापुरा)
राजु पिता pyare प्रकाश डामोर (निवासी- राजापुरा)
दिवान पिता हालिया डागोर (निवासी- राजापुरा)
भोलु पिता गांगु डागोर (निवासी- राजापुरा)
सवजी पिता नारजी डामोर (निवासी- राजापुरा)
दशरत पिता मोगजी डामोर (निवासी- राजापुरा)
मेगु पिता गलसिंग डागोर (निवासी- राजापुरा)
सुभाष पिता जीवणा उर्फ जीवनलाल चारेल (निवासी- ओडवा)
रेजु पिता बादरू चारेल (निवासी- अन्दोक भंवरदा)
सोहन पिता पुना चारेल (निवासी- अन्दोक भवरदा)
पुलिस का रुख: पाटन थाना पुलिस ने बताया कि कानून को हाथ में लेने वाले और कुप्रथा के नाम पर उगाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

