Breaking News
Loading...

घर में नोट गिनने की मशीन, लॉकर में 75 लाख का सोना! राजस्थान के इस भ्रष्ट अफसर के कारनामे उड़ा देंगे होश

0

 

रिश्वतखोर अफसर की काली कमाई का महाखुलासा: 34 बैंक खाते, 42 FD और लॉकर से निकला 553 ग्राम सोना; आय से 99% अधिक संपत्ति!

प्रतापगढ़/बांसवाड़ा राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। ACB ने प्रतापगढ़ जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के तत्कालीन जॉइंट कमिश्नर एवं जनरल मैनेजर (GM) राजीव गर्ग के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (DA) का एक नया और चौंकाने वाला मामला दर्ज किया है। जांच में जो खुलासे हुए हैं, उसने भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी हैं।

Joint Commissioner Rajiv Garg


रिश्वत के पैसे को 'सफेद' करने का खेल: 34 बैंक खाते और 42 FD

जांच में सामने आया है कि आरोपी राजीव गर्ग ने रिश्वत से कमाए काले धन को ठिकाने लगाने के लिए साजिश के तहत अपने नाम पर 34 बैंक खाते और 42 फिक्स डिपॉजिट (FD) खुलवा रखे थे।

  • इन बैंक खातों में 57.16 लाख रुपये और FD में करीब 1.10 करोड़ रुपये जमा मिले (कुल करीब 1.70 करोड़ रुपये)।

  • आरोपी के पास से 25 क्रेडिट और डेबिट कार्ड भी बरामद हुए हैं।

  • एक ही दिन में ७ खातों में ट्रांजैक्शन: शातिर अफसर ने 6 मार्च 2023 को महज एक ही दिन में सात अलग-अलग बैंक खातों में कुल 14.72 लाख रुपये जमा कराए थे।

लॉकर से निकला सोना, घर में मिली नोट गिनने की मशीन

ACB की तलाशी के दौरान आरोपी के बैंक लॉकर से 553 ग्राम 24 कैरेट शुद्ध सोना बरामद हुआ है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 75 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा, भ्रष्ट अफसर के घर से भारी मात्रा में नकदी और नोट गिनने की मशीन भी मिली है, जो साफ बयां करती है कि काली कमाई का दायरा कितना बड़ा था।

3 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों हुआ था ट्रैप

गौरतलब है कि राजीव गर्ग को वर्ष 2024 में ACB ने 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। यह शिकायत उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के ही एक पूर्व डिप्टी कमिश्नर ने की थी। शिकायत के अनुसार, सातवें वेतनमान के निर्धारण के बदले पहले 50 हजार रुपये लिए जा चुके थे और एरियर जारी करने के एवज में 3 लाख रुपये की और मांग की जा रही थी। सत्यापन के बाद ACB ने जाल बिछाकर आरोपी को दबोच लिया था।

Joint Commissioner Rajiv Garg

गणित समझिए: बचने चाहिए थे 98 हजार, मिली 2.71 करोड़ की संपत्ति!

ACB के आंकड़ों के मुताबिक, राजीव गर्ग की सरकारी नौकरी 1996 में शुरू हुई थी।

  • नौकरी से लेकर 2024 तक उसकी कुल वैध आय (वेतन व अन्य स्रोत) 1.76 करोड़ रुपये आंकी गई।

  • इस दौरान घरेलू खर्च, वाहन, फ्लैट आदि पर उसका खर्च 78.28 लाख रुपये रहा।

  • नियमानुसार उसके पास करीब 98 हजार रुपये की बचत होनी चाहिए थी, लेकिन उसके पास से 2.71 करोड़ रुपये की अकूत संपत्ति मिली।

  • इस तरह जांच एजेंसी ने 1.73 करोड़ रुपये (वैध आय से लगभग 99% अधिक) की अवैध संपत्ति का आकलन किया है।

आलीशान लाइफस्टाइल, छवि भी दागदार

ACB के अनुसार, आरोपी अफसर अपनी करोड़ों की इस काली कमाई और बैंक बैलेंस को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। विभागीय जांच और साथी कर्मचारियों के फीडबैक में भी उसकी छवि एक बेहद भ्रष्ट अधिकारी की सामने आई है। उसका रहन-सहन और लाइफस्टाइल उसके वेतन के मुकाबले बेहद आलीशान और तड़क-भड़क वाला था। फिलहाल, ACB ने नई FIR दर्ज कर इस पूरे मामले की कड़ियों को खंगालना शुरू कर दिया है।

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)