गुटबाजी रोकने के लिए पार्टियों का ‘साइलेंट फॉर्मूला’: अधिकृत सूची अटकी, फोन पर मौखिक निर्देश के बाद 28 दावेदारों ने दाखिल किया नामांकन
बांसवाड़ा।
गुटबाजी पर पाल बांधने की रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, टिकट घोषणा के बाद संभावित बगावत और गुटबाजी को रोकने के लिए दोनों प्रमुख दलों ने खास रणनीति अपनाई है। असंतोष को दबाने के लिए पार्टियां अपने-अपने प्रमुख दावेदारों को सीधे फोन कर मौखिक निर्देश पर पर्चा भरने को कह रही हैं।
दूसरे दिन दर्ज हुए 28 नामांकन
नामांकन के दूसरे दिन दोपहर 3 बजे तक कुल 28 उम्मीदवारों ने रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष अपने आवेदन प्रस्तुत किए।
वार्ड 1 से 20: 09 नामांकन
वार्ड 21 से 40: 08 नामांकन
वार्ड 41 से 60: 11 नामांकन
नेताओं के फोन और दावेदारों का असमंजस
नामांकन दाखिल करने पहुंचे कई दावेदारों ने स्पष्ट किया कि उन्हें पार्टी नेतृत्व का फोन आया था:
भाजपा का रुख: वार्ड 33 से लक्ष्मीपुरा कॉलोनी निवासी डिंपल ने बताया कि भाजपा महामंत्री जयपाल डाबी का फोन आने के बाद उन्होंने नामांकन किया। उधर, भाजपा महामंत्री डाबी ने कहा कि अभी अधिकृत सूची जारी नहीं हुई है, दावेदारों को केवल अपने दस्तावेज दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए थे।
कांग्रेस की स्थिति: वार्ड 21 से 40 क्षेत्र में पर्चा भरने पहुंचे कांग्रेस उम्मीदवार ने पार्टी पदाधिकारियों के निर्देश पर आवेदन करने की बात कही। वहीं वार्ड 48 (नागरवाड़ा) से पूर्व प्रत्याशी अजय नागर ने स्वेच्छा से पर्चा दाखिल किया।
सोमवार को नामांकन की अंतिम तिथि
सोमवार को नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन है, ऐसे में पूरा शहर यह जानने को बेताब है कि उनके वार्ड का ‘विकास पुरुष’ कौन होगा। जनता की निगाहें अब भाजपा और कांग्रेस की आधिकारिक सूची पर टिकी हैं। दूसरी ओर, इस चुनाव में उतरने के दावे कर रही भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के चुनावी दावे फिलहाल धरातल पर सुस्त और खोखले साबित हो रहे हैं।

