बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में अन्नपूर्णा रसोई का औचक निरीक्षण: खाद्य सुरक्षा विभाग ने पकड़ी बड़ी खामियां, थमाया नोटिस
बांसवाड़ा : जिले के सबसे बड़े महात्मा गांधी चिकित्सालय परिसर में संचालित श्री अन्नपूर्णा रसोई में मरीजों और आमजन को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग एक्शन मोड में आ गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. भरत राम मीणा के नेतृत्व में विभाग की टीम ने गुरुवार को अन्नपूर्णा रसोई का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान रसोई में खाद्य सुरक्षा मानकों की जमकर धज्जियां उड़ती पाई गईं।
निरीक्षण में सामने आईं गंभीर कमियां:
लाइसेंस नदारद: नियमानुसार रसोई में खाद्य लाइसेंस प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित नहीं था।
स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट गायब: रसोई में खाना बनाने और परोसने वाले कार्मिकों के अनिवार्य मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं मिले।
पेस्ट कंट्रोल और स्वच्छता में लापरवाही: कीड़े-मकोड़ों व पेस्ट से बचाव का कोई प्रमाण-पत्र (पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट) नहीं मिला। साथ ही परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था अत्यंत दयनीय पाई गई।
धारा 32 के तहत नोटिस प्रस्तावित
अन्नपूर्णा रसोई में पाई गई गंभीर लापरवाही और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाते हुए खाद्य सुरक्षा दल ने रसोई संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। संचालक को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (एवं नियम 2011) की धारा 32 के तहत 'इम्प्रूवमेंट नोटिस' (सुधार नोटिस) जारी किया जा रहा है।
जारी रहेगा अभियान
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले के विभिन्न अस्पतालों, कैंटीनों और अन्नपूर्णा रसोइयों में गुणवत्तायुक्त भोजन सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
निरीक्षण दल में ये रहे शामिल:
इस औचक कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी उम्मेद मल टेलर, अनिल कुमार अहारी, कमलेश डामोर, विकास मीणा तथा मयूर हगावानिया मुख्य रूप से मौजूद रहे।

