शिक्षा में तकनीक का तड़का: कुशलगढ़ में शुरू हुई High Tech निःशुल्क कोचिंग

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डिजिटल स्मार्ट बोर्ड से बदलेगी निःशुल्क कोचिंग की तस्वीर: कुशलगढ़ में भील समग्र विकास परिषद की अनूठी पहल

कुशलगढ़ (बांसवाड़ा) : भील समग्र विकास परिषद कुशलगढ़ द्वारा संचालित निःशुल्क कोचिंग सेवा संस्थान में विद्यार्थियों को आधुनिक एवं तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के लिए एक ऐतिहासिक शुरुआत की गई है। संस्थान में अत्याधुनिक 'डिजिटल स्मार्ट बोर्ड' (इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल) का भव्य उद्घाटन किया गया, जिससे अब क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।

डिजिटल क्रांति की ओर कदम: कुशलगढ़ में अब स्मार्ट बोर्ड से पढ़ेंगे निःशुल्क कोचिंग के विद्यार्थी

इस डिजिटल क्रांति का मुख्य उद्देश्य सीमित समय में विद्यार्थियों को अधिक से अधिक उपयोगी ज्ञान उपलब्ध कराना और प्रतियोगी परीक्षाओं का पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराना है। अब एक ही स्क्रीन पर PDF, डिजिटल नोट्स, लाइव क्लासेस और Google Search के जरिए तात्कालिक शैक्षणिक जानकारी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा सकेगी।

कम समय में बेहतर तैयारी, ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा मंच

निःशुल्क कोचिंग टीम का विशेष जोर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों को बड़े शहरों जैसी आधुनिक शिक्षा सुविधाएं मुहैया कराने पर है। स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से कम समय में अधिक प्रभावी ढंग से सिलेबस पूरा कराया जाएगा। मंगलवार से डिजिटल स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से नियमित कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण और मार्गदर्शन

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भत्तार (आनंदपुरी) के प्रधानाचार्य संजय गरासिया ने शिक्षकों और विद्यार्थियों को स्मार्ट बोर्ड के प्रभावी संचालन, PDF स्टडी मटेरियल के उपयोग और डिजिटल संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता भील समग्र विकास परिषद कुशलगढ़ के अध्यक्ष रूपजी बारिया ने की। इस दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में कुशलगढ़ के नोडल प्रधानाचार्य भीमजी सुरावत, राउमावि झीकली की प्रधानाचार्य रमिला डिंडोर और अरथूना के स्कूल व्याख्याता मिलन चरपोटा उपस्थित रहे।

शिक्षा जगत में सराहनीय प्रयास

कार्यक्रम में निःशुल्क कोचिंग टीम के केसर सिंह डामोर, अश्विन डामोर, राकेश देवदा, चरण सिंह डामोर सहित परिषद के पूर्व व वर्तमान पदाधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन राकेश देवदा ने किया।

सामाजिक कार्यकर्ता केसर सिंह डामोर ने जानकारी देते हुए बताया कि संस्था का उद्देश्य हर उस जरूरतमंद बच्चे तक बेहतरीन प्रतियोगी तैयारी पहुंचाना है जो आर्थिक तंगी या दूरदराज के इलाकों में रहने के कारण महंगी कोचिंग से वंचित रह जाते हैं।

मूल मंत्र: “निःशुल्क शिक्षा + डिजिटल तकनीक + गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन = प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी”

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