गृह मंत्रालय का कड़ा आदेश: IAS-IPS अधिकारियों पर FIR व कार्रवाई की रिपोर्ट 48 घंटे में केंद्र को देवे

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गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला: IAS-IPS अफसरों पर FIR या गिरफ्तारी की खबर 48 घंटे में देनी होगी, लंबे अवकाश पर चल रहे अधिकारी भी रडार पर

नई दिल्ली | विशेष समाचार केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने प्रशासनिक और पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों पर नकेल कसते हुए एक अत्यंत महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। गृह मंत्रालय ने AGMUT कैडर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सख्त निर्देश दिया है कि यदि किसी IAS, IPS, DANICS या DANIPS अधिकारी के खिलाफ कोई FIR दर्ज होती है, उनकी गिरफ्तारी होती है, या अदालत/जांच एजेंसी का कोई प्रतिकूल आदेश आता है, तो उसकी रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से केंद्र सरकार को भेजी जाए।  

IAS-IPS अधिकारियों पर गृह मंत्रालय का शिकंजा: 48 घंटे की डेडलाइन और बिना बताए छुट्टी पर एक्शन


CBI, ED और ACB की कार्रवाई पर भी लागू होगा नियम

गृह मंत्रालय के इस नए फरमान के दायरे में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) जैसी प्रमुख जांच एजेंसियों द्वारा की जाने वाली कार्रवाइयां शामिल होंगी। मंत्रालय ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि स्थानीय विभागों द्वारा ऐसे गंभीर मामलों की जानकारी केंद्र को भेजने में अक्सर देरी देखी जा रही थी। अब इस पारदर्शी व्यवस्था से केंद्र सरकार को अधिकारियों से जुड़े आपराधिक व अनुशासनात्मक मामलों की समय पर सटीक जानकारी मिल सकेगी।

लंबी छुट्टी पर गए अधिकारियों की बढ़ेगी जांच

गृह मंत्रालय ने बिना किसी ठोस वजह के या लंबे समय से छुट्टी पर चल रहे अफसरों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है।

  • छुट्टियों का सत्यापन: प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि ऐसे अधिकारियों के लीव अकाउंट (छुट्टी के खातों), छुट्टी की अवधि, दिए गए एक्सटेंशन और उनके रहने के स्थान का गहन सत्यापन किया जाए।

  • वेतन और रिकवरी: केवल स्वीकृत (Sanctioned) छुट्टियों की अवधि का ही वेतन जारी किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी को अधिक भुगतान हुआ है, तो नियमों के तहत उसकी वसूली (Recovery) की जाएगी।

  • अनुशासनात्मक कार्रवाई: बिना सूचना के लंबे समय तक अनुपस्थित रहने या ड्यूटी जॉइन न करने पर सीधी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

15 अक्टूबर तक लंबित मामलों का मांगा ब्योरा

MHA ने अनुशासनहीनता के मामलों में भी तेजी लाने के आदेश दिए हैं। AGMUT कैडर के सभी सेगमेंट को 15 अक्टूबर तक लंबित अनुशासनात्मक मामलों का पूरा विवरण और संबंधित दस्तावेज जमा करने को कहा गया है। इसमें यह भी स्पष्ट करना होगा कि कार्रवाई चार्जशीट से पहले के चरण में है या चार्जशीट दाखिल होने के बाद की।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन को विशेष निर्देश

जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में गृह मंत्रालय ने प्रशासन से कहा है कि वे IAS और IPS इंडक्शन (पदोन्नति) से जुड़े लंबित प्रस्तावों के दस्तावेज और APARs (वार्षिक प्रदर्शन रिपोर्ट) एकत्र करने की प्रक्रिया में तेजी लाएं, ताकि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा पद तय होते ही फाइलें तुरंत भेजी जा सकें।

क्या है AGMUT कैडर?

AGMUT कैडर का तात्पर्य अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और सभी केंद्र शासित प्रदेशों (जिनमें दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, चंडीगढ़, पुडुचेरी आदि शामिल हैं) से है। इन राज्यों और यूटी में तैनात प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी सीधे केंद्र सरकार (गृह मंत्रालय) के नियंत्रण में आते हैं।

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