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क्या हर आतंकवादी का यही हश्र होना चाहिए ?

      लखनऊ के इंदिरानगर से आईएस के संदिग्ध आतंकी मो. अलीम की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही इलाके के लोग आक्रोशित हो गए। मुंशी पुलिया पर शनिवार सुबह आतंकी के खिलाफ उमड़ी भीड़ ने प्राइम प्लॉजा स्थित उसके पिता के सैलून पर धावा बोलकर तोड़फोड़ की। आतंकवाद व पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी कर रहे नागरिकों ने चौराहे पर पाकिस्तान का पुतला फूंका। सीओ व एसओ ने आतंकी के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी देकर प्रदर्शन खत्म कराया। एनआईए व एटीएस द्वारा पकड़े गए इंदिरानगर के बसंत विहार निवासी मो. अलीम के तार आतंकी संगठन आईएस से जुड़े होने की खबर फैलते ही इलाके के लोग भड़क उठे। उसके घर पर पुलिस का पहरा था, जबकि पिता मो सलीम ने रोजाना की तरह शनिवार सुबह मुंशी पुलिया के प्राइम प्लाजा की शॉप नंबर 79 में अपने जमजम हेयर सेटिंग जेंट्स पार्लर खोला था। थोड़ी देर बाद आतंकी के खिलाफ उमड़ी भीड़ ने सलीम के सैलून पर धावा बोल दिया। कांप्लेक्स के सामने भीड़ जुटते देख खिसक लिया। नौकर ने किसी तरह शटर गिराकर ताला लगाया और भाग निकला। इलाके के व्यापारियों व अन्य लोगों ने नारेबाजी के साथ सैलून का साइनबोर्ड, होर्डिंग तोड़ा। शटर पर लात मारकर गुस्सा उतारा और दीवार पर कालिख पोती। आतंकवाद व पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे गूंजते देख मुंशी पुलिया चौकी इंचार्ज राममूर्ति यादव फोर्स लेकर दौड़े। उच्चाधिकारियों को कॉल की। सीओ गाजीपुर दिनेश पुरी व एसओ आलोकमणि त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। नागरिकों ने चौराहे पर पाकिस्तान का पुतला फूंका और आतंकी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।सीओ व एसओ के आश्वासन पर भीड़ चौराहे से हटी लेकिन कांप्लेक्स में तीन घंटे तक प्रदर्शन चलता रहा। इसमें प्राइम प्लॉजा के दुकानदारों के साथ मुंशी पुलिया के व्यापारी, सयुस कार्यकर्ता व विभिन्न संगठनों के लोग शामिल हुए।
अलीम के थे महंगे शौक
     आतंकी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे व्यापारी सौरभ शर्मा ने कहा कि उनका प्राइम प्लॉजा में प्रॉपर्टी डीलिंग का ऑफिस है। वह मो सलीम के सैलून पर दाढ़ी बनवाने या बाल कटाने जाते थे। अलीम अपने पिता की दुकान पर आता था। उसकी कलाई में महंगी घड़ी व हाथ में महंगा मोबाइल नजर आता था।
पैसों की परवाह नहीं करता था सलीम
      प्राइम प्लॉजा में व्यापारी संजय वर्मा व कमलेश यादव ने जानकारी दी कि सलीम भी पैसों की परवाह नहीं करता था। बाल कटाने व दाढ़ी बनाने के बाद हजार या पांच सौ का नोट दिखाने पर वह पैसे बाद में दे जाने की बात कहकर भूल जाता था। अक्सर सलीम दुकान के बाहर कुर्सी पर बैठता और नौकर दुकान में काम करते थे।
कांप्लेक्स उड़ा सकता था आतंकी
अलीम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे व्यापारी नेता दीपक चौहान, आशीष श्रीवास्तव, पार्षद भृगुनाथ शुक्ला, हिमांशु दुबे, रवीश शुक्ला आदि ने सलीम का सैलून हमेशा के लिए बंद कराने की मांग करते हुए आशंका जताई कि आतंकी संगठन आईएस से जुड़ा उसका कांप्लेक्स भी उड़ा सकता था। भारत माता की जय, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगा रहे प्रदर्शनकारियों ने आतंकियों के देश निकाला की मांग की।