बेंगलुरू में नोटबंदी के बाद अभी तक 500 और 2000 के नए नोट लोगों तक
पहुंचे भी नहीं है लेकिन 2000 के नकली नोट की खबरें आने लगी हैं.
चिकमंगलूर के एपीएमसी बाजार में 2000 रुपए का नकली नोट सब्जी वाले को किसी ने पकड़ा दिया जिसे सब्जी वाले ने बाद में वापस कर दिया. पुलिस ने मामले पर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है.
अखबार विजय कर्नाटक की रिपोर्ट के मुताबिक नकली नोट का रंग हूबहू नए 2000 के नोट की तरह था. नोट को देख कर लग रहा है कि उसके किनारों को कैंची से काटा गया है. लोगों को अभी 500 और 2000 के नोट की पहचान नहीं हो पाई है जिसका फायदा उठाया जा सकता है.
भारतीय सांख्यिकी संस्थान ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि भारतीय अर्थव्यवस्था में 300 करोड़ रु पए की फेक करंसी चलन में है. नोटबंदी के पीछे सरकार का उद्देश्य फेक करंसी पर लगाम लगाना भी था. इसी तरह की खबरें पंजाब से भी मिल रही हैं.
पंजाब के कसबा भिखीविंड में गत शाम मोबाइल रिपेयर करने वाले दुकानदार रिंकू कुमार की दुकान से खरीद फरोख्त करने आए युवक नई करेंसी (2000 का नोट) देकर चले गए. बदले में युवक ने बकाया राशि भी वापिस कर दी. इस नोट का नंबर 4एसी-102 और 501 था.
कुछ देर बाद मल्होत्रा जनरल स्टोर पर किसी ग्राहक द्वारा 2000 का जो नोट दिया गया उसका नंबर भी यही था. बाजार में नकली नोट पाए जाने का जिक्र फैला तो दोनों दुकानदारों ने पुलिस को सूचित किया.
इस बीच जीत सिंह नामक दुकानदार ने शिकायत की कि 2000 का नकली नोट उसे भी कुछ लोग थमा गए हैं. इससे लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है.
चिकमंगलूर के एपीएमसी बाजार में 2000 रुपए का नकली नोट सब्जी वाले को किसी ने पकड़ा दिया जिसे सब्जी वाले ने बाद में वापस कर दिया. पुलिस ने मामले पर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है.
अखबार विजय कर्नाटक की रिपोर्ट के मुताबिक नकली नोट का रंग हूबहू नए 2000 के नोट की तरह था. नोट को देख कर लग रहा है कि उसके किनारों को कैंची से काटा गया है. लोगों को अभी 500 और 2000 के नोट की पहचान नहीं हो पाई है जिसका फायदा उठाया जा सकता है.
भारतीय सांख्यिकी संस्थान ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि भारतीय अर्थव्यवस्था में 300 करोड़ रु पए की फेक करंसी चलन में है. नोटबंदी के पीछे सरकार का उद्देश्य फेक करंसी पर लगाम लगाना भी था. इसी तरह की खबरें पंजाब से भी मिल रही हैं.
पंजाब के कसबा भिखीविंड में गत शाम मोबाइल रिपेयर करने वाले दुकानदार रिंकू कुमार की दुकान से खरीद फरोख्त करने आए युवक नई करेंसी (2000 का नोट) देकर चले गए. बदले में युवक ने बकाया राशि भी वापिस कर दी. इस नोट का नंबर 4एसी-102 और 501 था.
कुछ देर बाद मल्होत्रा जनरल स्टोर पर किसी ग्राहक द्वारा 2000 का जो नोट दिया गया उसका नंबर भी यही था. बाजार में नकली नोट पाए जाने का जिक्र फैला तो दोनों दुकानदारों ने पुलिस को सूचित किया.
इस बीच जीत सिंह नामक दुकानदार ने शिकायत की कि 2000 का नकली नोट उसे भी कुछ लोग थमा गए हैं. इससे लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है.

