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सिपाही की हत्या कर भोपाल सेंट्रल जेल से भागे SIMI के सभी 8 आतंकीवादियों को पुलिस ने ठोक दिया

सिपाही की हत्या कर भोपाल सेंट्रल जेल से भागे SIMI के सभी 8 आतंकी ईंटखेड़ी गांव में मुठभेड़ में ढेर
     भोपाल।। सिपाही की हत्या कर भोपाल सेंट्रल जेल से फराह हुए प्रतिबंधित संगठन ‘द स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया’ (SIMI) के सभी 8 आतंकी भोपाल के बाहर ईंटखेड़ी गांव में मुठभेड़ में मारे गए। मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों के नाम हैं- अमजद, जाकिर हुसैन सिद्दीक, मोहम्मद सालिक, मुजीब शेख, मेहबूब गुड्डू, मोहम्मद खालिद अहमद, अकील और माजिद। प्रदेश सरकार ने प्रत्येक फरार SIMI आतंकी की गिरफ्तारी पर 5 लाख रुपये का ईनाम घोषित कर दिया था।  मध्यप्रदेश के गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि भोपाल जेल से फरार सभी 8 SIMI आतंकी भोपाल के बाहरी हिस्से में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गये। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस कर्मियों ने उन्हें मालीखेड़ा में खोजा और उन्हें घेर लिया गया। उन्होंने पुलिस को चुनौती दी जिसके बाद हुई मुठभेड़ में वह मारे गए।
     SIMI के ये सभी आठों आतंकी तड़के करीब 2 से 3 बजे के बीच एक सिपाही की हत्या करने के बाद जेल से फरार हो गए थे। भागने से पहले उन्होंने स्टील की नुकीली प्लेट और कांच से सिपाही की गर्दन पर वार कर उसकी हत्या कर दी और उसके बाद वे चादरों की मदद से जेल की दीवार लांघ कर वहां से फरार हुए थे। आतंकियों ने पहले गार्ड को घेर कर अपने कब्जे में लिया और फिर स्टील की प्लेट से उसका गला काट कर उसे मार डाला।
      तीन साल में SIMI के आतंकी की जेल तोड़ने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले वर्ष 2013 में मध्यप्रदेश के खंडवा में एक जेल से SIMI के 7 सदस्य भाग निकले थे। एक अक्टूबर 2013 को सिमी के 7 सदस्य मध्यप्रदेश के खंडवा में स्थित जिला जेल से 14 फुट उंची दीवार फांद कर भाग गए थे। इनमें से एक कैदी ने अगले दिन आत्मसमर्पण कर दिया था और एक अन्य कैदी को मध्यप्रदेश के बड़वानी से दिसंबर 2013 में पकड़ा गया था। तीसरा कैदी पांच अप्रैल 2015 को तेलंगाना पुलिस के साथ एक मुठभेड़ में मारा गया था। 4 कैदियों की पुलिस लगातार 3 साल तक तलाश करती रही और फरवरी 2016 में इन्हें ओडिशा के राउरकेला से गिरफ्तार किया गया। जब चारों कैदी फरार थे तब वह लोग मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में आतंकवादी गतिविधियों में कथित तौर पर लिप्त थे।
      ऐसा माना जाता है कि ये लोग तेलंगाना के करीमनगर स्थित एक बैंक में लूटपाट के एक मामले में और एक फरवरी 2014 को चेन्नई सेंट्रल स्टेशन पर बेंगलूरु-गुवाहाटी ट्रेन में हुए विस्फोट में लिप्त थे। इस विस्फोट में एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई थी। एक मई 2014 को पुणे के फर्शखाना पुलिस थाने में और 10 जुलाई 2014 को विश्रामबाग पुलिस थाने के समीप हुए इस विस्फोट में भी इन लोगों का हाथ होने की आशंका है। बताया जाता है कि यह लोग उत्तराखंड के रूड़की और उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुई बम विस्फोट की घटनाओं में भी कथित तौर पर लिप्त थे। सरकार ने SIMI पर वर्ष 2001 में प्रतिबंध लगा दिया था।