Headline News
Loading...

Ads Area

'सर्जिकल स्ट्राइक डे' मनाने से ममता बनर्जी का इनकार, कहा- ये बीजेपी का राजनीतिक एजेंडा

    केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार एक बार फिर आमने-सामने है. इस बार ये भिड़ंत यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन (यूजीसी) से जुड़ी हुई है. अपने एक निर्देश में यूजीसी ने यूनिवर्सिटियों से कहा है कि वो 29 सितंबर को 'सर्जिकल स्ट्राइक डे' के रूप में मनाएं. इसी को लेकर ममता अब मोदी सरकार के खिलाफ खड़ी हो गई हैं और इसकी कदम की जमकर आलोचना की है.
    सभी वाइस चांसलरों को भेजे गए इस निर्देश में यूजीसी ने कहा, "29 सितंबर को सभी यूनिवर्सिटियों की एनसीसी यूनिट को एक स्पेशल परेड करवानी चाहिए जिसके बाद एनसीसी कमांडर इसमें हिस्सा लेने वालों को बॉर्डर की सुरक्षा की महत्ता बताएं. यूनिवर्सिटी वाले पू्र्व सैन्य अधिकारियों को भी बुला सकते हैं जिनकी बातचीत के जरिए छात्रों को जवानों की शहादत का महत्व समझाया जा सके." ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार के इस निर्देश का पालन करने से मान कर दिया है.
     लगातार दो बार से बंगाल की सीएम ममता ने इसे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का राजनीतिक एजेंडा करार दिया है. वहीं, उन्होंने ये भी कहा कि यूजीसी के इस सर्कुलर का पालन नहीं किया जाएगा. यही नहीं, ममता ने राज्य की सभी यूनिवर्सिटियों से अपील की है कि वो इस तरह का कार्यक्रम न मनाएं.
    राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कल मामले में केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक डे से जुड़ा जो निर्देश यूनिवर्सिटियों को दिया गया है वो बीजेपी का एजेंडा है. चटर्जी ने आर्मी की छवि खराब करने और इसे राजनीति में घसीटने के लिए बीजेपी को जमकर लताड़ लगाई.

Post a Comment

0 Comments