लॉकडाउन में सुपरकार से झांकी ज़मा रहा था उद्योगपति का बेटा, लगानी पड़ी उठक-बैठक

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लॉकडाउन में सुपरकार से झांकी ज़मा रहा था उद्योगपति का बेटा, लगानी पड़ी उठक-बैठक

    इंदौर/मध्य प्रदेश।। इंदौर में लोग उस समय हैरत में पड़ गए जब उन्होंने एक उद्योगपति के बेटे को बीच सड़क पर उठक बैठक लगाते देखा | यह युवक लॉक डाउन तोड़ते हुए तेज रफ़्तार में अपना अपना हुनर दिखा रहा था | चमचमाती सुपर कार पर सवार होकर उसे फर्राटे भरते देख स्वयंसेवी कार्यकर्ता चौंक गए | उन्होंने फ़ौरन अपना रूप दिखाया | कोविड-19 के प्रकोप के मद्देनजर इंदौर में लागू कर्फ्यू के दौरान सुपरकार से जा रहे 20 वर्षीय युवक से नगर सुरक्षा समिति के स्वयंसेवक ने उठक-बैठक लगवाई। 
    वहीं युवक ने भी स्वयंसेवक पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। चश्मदीदों के मुताबिक घटना के वीडियो में शहर के एमआर-10 रोड पर पीले रंग की महंगी कार से जा रहे युवक को काली वर्दी पहना एक स्वयंसेवक रोकता दिखाई दे रहा है। उस वक्त युवक दो सीटों वाली महंगी कार में अकेला था और उसने कार की छत खोल रखी थी। वीडियो में दिख रहा है कि गाड़ी सड़क के किनारे लगाने के बाद युवा चालक नीचे उतरकर स्वयंसेवक को कर्फ्यू का पास दिखाने की कोशिश करता है। 
   यह पास कर्फ्यू के दौरान गरीब लोगों को भोजन बांटने के लिए युवक के नाम पर खुद पुलिस ने जारी किया था। कर्फ्यू पास की बात सुनते ही युवक को झिड़कते हुए स्वयंसेवक कहता है कि ”उसे उसके पास से कोई मतलब नहीं है। इसके बाद स्वयंसेवक डंडा दिखाते हुए युवक से जबरन उठक-बैठक लगवाता नजर आता है।” युवक को डांटना जारी रखते हुए स्वयंसेवक उससे यह भी पूछता सुनाई पड़ता है कि “क्या उसे गाड़ी चलाते वक्त मास्क लगाने में शर्म आ रही थी?” इस पर युवक जवाब देता है कि मास्क उसकी जेब में ही है। 
    उठक-बैठक लगाने वाले युवक की पहचान 20 वर्षीय संस्कार दरयानी के रूप में हुई है। वह शहर के उद्योगपति दीपक दरयानी का बेटा है। घटना से जुड़ी सुपरकार उद्योगपति की कंपनी के नाम से पंजीकृत है। संस्कार ने कहा, “मेरा परिवार कर्फ्यू के दौरान सेवा कार्य करते हुए गरीब लोगों को भोजन मुहैया करा रहा है। घटना के वक्त मैं खाने के पैकेट बांटकर अपने घर जा रहा था। मैं गाड़ी चलाने का लाइसेंस और कर्फ्यू के आधिकारिक पास के साथ बाहर निकला था लेकिन नगर सुरक्षा समिति के स्वयंसेवक ने मेरी एक नहीं सुनी।
    उद्योगपति ने बताया कि उन्होंने रविवार को हीरानगर थाने पहुंचकर नगर सुरक्षा समिति के स्वयंसेवकों के बुरे बर्ताव की पुलिस को मौखिक शिकायत की है। 
    हीरानगर पुलिस थाने के प्रभारी राजीव भदौरिया ने बताया, “मुझे सुपरकार चला रहे युवक के सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो की जानकारी मिली है लेकिन इस वीडियो के सत्यापन के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।” उन्होंने युवक और उसके पिता के आरोपों पर टिप्पणी किये बगैर कहा कि कोविड-19 को रोकने के लिए शहर में लागू कर्फ्यू के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ नगर सुरक्षा समिति के कई स्वयंसेवक भी अलग-अलग स्थानों में ड्यूटी कर रहे हैं, जिन्हे लॉकडाउन के तहत नियमों का पालन करवाने के लिए पाबंद किया गया है।  

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