शादी को 7 साल हुए, 5 लडकिया हुई, लड़के की चाहत में बन गई अपराधी

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शादी को 7 साल हुए, 5 लडकिया हुई, लड़के की चाहत में बन गई अपराधी

पुलिस ने किया 20 दिन के नवजात शिशु के अपहरण का खुलासा, 
अभियुक्त महिला गिरफ्तार
   बांसवाड़ा/राजस्थान।। राजस्थान के बांसवाड़ा और डूंगरपुर जनजाति बाहुल्य क्षेत्रो से हाल ही में हॉस्पिटल से नवजात बच्चो के चोरी की घटना ने जहा हर किसी को आक्रोशित कर के रख दिया था वही पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए कुछ दिनों में दोनों ही जिलों से गायब हुए नवजात शिशुओ के अपहरण केस का खुलासा कर नवजातो को बरामद भी कर लिया है। 
   आपको बता दे की दिनांक 28.02.2021 रविवार दोपहर को गहात्मा गांधी चिकित्सालय बांसवाड़ा से अर्जुन पिता मालुन बामनिया निवासी मलवासा जिला बांसवाड़ा की 20 दिन के नवजात को अपहृत किसी अनजान महिला द्वारा अपहृत कर लिया गया था जिसे बांसवाडा पुलिस द्वारा वारदात के 48 घण्टे के अंदर ही अभियुक्त महिला को गिरफ्तार कर बरामद कर लिया गया गया है।
कुछ ऐसे हुई थी घटना 
    एसएचओ मोतीराम सारण ने घटना की जानकारी देते हुए बताया की दिनांक 28.02.2021 को दोपहर बाद पुलिस थाना कोतवाली पर सूचना मिली की महात्मा गांधी चिकित्सालय बांसवाडा से एक नवजात शिशु का अपहरण कर लिया गया है सूचना मिलते ही एसएचओ मोतीराम सारण मोके पर पहुचे जहाँ मौके पर अपहृत नवजात के पिता अर्जुन पिता मालून बामनिया ने पुलिस को रिपोर्ट देते हुए कहा की दिनांक 09.02.2021 को अर्जुन की पत्नी अनिता ने तलवाडा सीएचसी मे एक पुत्र का जन्म दिया था इसके बाद अस्पताल से दिनांक 11.02.2021 को छुट्टी मिलने के बाद अनिता बच्चे के साथ अपने पीहर मे बडलिया रह रही थी। इसी बीच दिनांक 27.02.2021 को एक अज्ञात महिला स्वयं को नर्स बताते हुए उसके घर आई और बताया कि बच्चे के एक जरूरी टीका लगाना है, इस पर वह अज्ञात महिला अनीता का मोबाईल नम्बर लेकर चली गई। 
     अपने नवजात बच्चे को टीकाकरण कराने के फेर में दिनांक 28.02.2021 को अनीता अपने रिश्तेदार के साथ बच्चे को लेकर बांसवाड़ा जिले में स्थित महात्मा गाँधी चिकित्सालय पहुच गए जहा उक्त महिला का किसी अज्ञात नंबर से फोन आया और अनीता से उस महिला द्वारा अनीता की लोकेशन पूछ कर उनके पास आई और नवजात को टीका लगाने का कह कर हॉस्पिटल के अन्दर ले गई। नर्स बनी अज्ञात महिला के काफी देर तक नही लौटने पर अनीता और उसके रिश्तेदारो ने चिंता में तुरंत ही बच्चे की तलाश के लिए पुरे हॉस्पिटल में छानबीन की लेकिंन उक्त महिला व बच्चे का कोई पता नही चला इस पर अनीता को अपने बच्चे के अपहरण का पता चला। 
    दूसरी और नवजात के अपहरण की सूचना पर पुलिस थाना बांसवाड़ा द्वारा प्रकरण दर्ज कर सरगर्मी से नवजात की तलाश शुरू की गई। बांसवाडा शहर से निकलने वाले सभी मार्गों को सीसी टीवी कैमरे चेक किये गए कई मार्गो को सील भी किया गया तो पुलिस द्वारा शहर की सभी गलियो एंव बाजारों मे अभियुक्त महिला व नवजात की तलाश की गई। आखिरकार पुलिस की मुस्तैदी काम आई अज्ञात महिला और अपहृत बच्चे को खोज लिया गया। 
इस तरह हुई गिरफ्तारी 
     जिले के पुलिस अधीक्षक कावन्द्र सिंह सागर ने बताया की घटना की गंभीर प्रवर्ति को देखते हुए वृताधिकारी गजेन्द्रसिह के नेतृत्व के दलों का गठन किया गया जिनमे मोतीराम सारण थानाधिकारी कोतवाली, संगीता बंजारा थानाधिकारी महिला थाना, सुरेश कुमार उ.नि, सचिन शर्मा एसआई प्रभारी यातायात, आबीद खान प्रभारी डीएसटी, लोकेन्द्र सिह प्रभारी चौकी त्रिपुरा सुन्दरी को प्रभारी बनाते हुए अलग-अलग जिम्मेदारिया देते हुए तलाश आरम्भ की गई। तलाश के दौरान शहर के विभिन्‍न मार्गों एवं गलियो व बाजारों मे लगे हुए सी.सी.टी.वी. केमरों की फुटेज का गहनता से विश्लेषण किया गया, जिससे पता चला की अभियुक्त महिला नवजात बच्चे को लेकर पैदल ही लेकर उदयपुर रोड होते हुए मोहन कोलोनी घाटी से एक ऑटो में बैठकर कुशलबाग मैदान के पास पहुंची जहा से वह महिला पैदल ही पाला मस्जिद, चन्द्रपोल गेट, नागरवाडा होते हुए कस्टम चौराहा पंहुची लेकिन यहाँ से अभियुक्त महिला किस दिशा मे गई यह पता नही चल पाया। 
     सागर ने बताया की एम.जी.एच से कस्टम चौराहा के मध्य प्राप्त सी.सी.टी.वी.फुटेज से अभियुक्त महिला के पहचान करने योग्य काफी सारे फोटोग्राफ जुटाने में पुलिस को सफलता हासिल हो गई। उक्त फोटोग्राफ एवं फुटेज को जिले भर के सोशल मिडिया ग्राफ्स में प्रसारित कराया गया इस कार्य मे आम जनता, स्वय सेवी संस्थाओ एंव जनप्रतिनिधियो का भरपुर सहयोग प्राप्त हुआ एव जिले के सभी समाचार पत्रों व चैनलो पर भी आरोपी महिला के फोटो/विडियो प्रसारित कराए गए थे। आखिरकार आरोपी महिला के समान हुलिए की महिला गांव शंभुपुरा की होने की सूचना मिली जिस पर पुसिल दल ने शंगुपुरा पंहूच कर मकान सुभाष पिता वेलजी खॉँट की तलाशी ली एवं आरोपी महिला सुभाष की पत्नी ललिता उर्फ लली से अपहृत नवजात को उसके कब्ज से दस्तयाब कर लिया गया। 
लड़के की चाहत में चुराया था बच्चा 
      आरोपी महिला ललिता ने पूछताछ मे बताया कि उसकी शादी को 7 साल हुए है तथा उसके 5 लडकिया हुई लेकिन एक भी पुत्र नही होने के कारण उसे पुत्र प्राप्ति की चाह ने उसे बच्चा चोरी करने को मजबूर कर दिया। जब ललिता को पता चला की कुछ दिन पहले अपहृत नवजात की अर्जुन के पहले से एक लडका था और फिर से दुसरा लड़का हुआ है, तो उसने पुत्र प्राप्ति की अपनी लालसा में कनी के नवजात शिशु को हासिल करने की योजना बनाई। योजनानुरार वह अकेली घर से निकली और ऑटो मे बैठकर बडलिया के करीब उतरी फीर एक अनजान बाईक सवार राहगीर से लिफ्ट लेकर अनिता के घर पहुची एवं स्वय को नर्स बताते हुए नवजात की माँ को 500/- रु देकर उनका विश्वास हासिल किया और घटना को अंजाम दिया।
घटना को इस तरह दिया अंजाम 
      अभियुक्त महिला ने पुरे घटनाकम को बड़े ही चालाकी से अंजाम दिया। पहले अभियुक्ता ने फर्जी नर्स बनकर नवजात के परिजनो को विश्वास मे ले लिया। वही पुरे घटना क्रम के दौरान उसने अपना मोबाईल बन्द रखा जिससे किसी को उसकी हकीकत का पता ना चल सके यही नहीं घटना के दिन उसने बांसवाडा पहुंच कर एक सब्जी विकेता से मोबाईल मांग कर प्रार्थी को फोन किया, वारदात के दौरान स्वय का चेहरा स्कार्फ से पुरी तरह ढक कर रखा और ऑटो चालक को भी कुशलगढ जाना है ऐसा बताया ताकि पुलिस भ्रमित हो जाए। 
पुलिस की तत्परता का कारण कही ये तो नहीं 
      घटना को लेकर जहा हर कोई हत्प्रध था वही किसी को भी घटना के इतनी जल्दी खुलासे की उम्मीद नहीं थी। अमूमन कई मामलो में जहा पुलिस का ढीला रवैया लोगो में अक्सर शंका पैदा करता है वही इस केस में पुलिस की तत्परता लोगो में चर्चा का विषय रही। घटना को लेकर शहर की जनता का कही यह भी कहना है की बांसवाड़ा जिले से अपहृत नवजात बालक मूलतः राजस्थान सरकार में वर्तमान पद आसीन राज्य मंत्री अर्जुन बामनिया के निवास क्षेत्र मलवासा गाँव का होने से इस मामले में पुलिस द्वारा इतनी तत्परता दिखाई गई है। 
माँ ने मुझे कहा की जब तक उस परिवार का बच्चा सुरक्षित नहीं पहुंचता तब तक तू भी घर में मत घुसना
   वही घटना से सवेंदनशील हुए कांग्रेस के उभरते नेता विकास बामनिया का कहना है की दो दिन पहले जिले के मलवासा गांव के एक दंपति का बच्चा अस्पताल से चोरी होने की ख़बर सुनी तो तो उनका दिल दहल गया। उन्होंने बताया की जब वे घर पहुंचे तो उनके माँ ने उन्हें कहा की जब तक उस परिवार का बच्चा सुरक्षित नहीं पहुंचता तब तक वह भी घर में ना आए, माँ के इन शब्दों ने उप जिला प्रमुख पद की नैतिक जिम्मेदारी का अहसास उन्हें कराया। आपको बता दे की विकास राजस्थान की कांग्रेस सरकार वर्तमान राज्य मंत्री अर्जुन बामनिया के पुत्र है और वह वर्तमान में बांसवाड़ा में उप जिला प्रमुख के पद पर है। 
   विकास ने बताया की घटना की गंभीरता को देखते हुए वे उसी क्षण से पुलिस प्रशासन के साथ बच्चे की तलाश में जुट थे और आज बच्चे को उनकी माँ से मिलवाया। इस घटना से आज उनका जनसेवा का जज़्बा और भी मजबूत हुआ है। वही इस जटिल केस को लेकर पुलिस प्रशासन की तत्पर कार्यवाही की भी उन्होंने तारीफ़ करते हुए धन्यवाद दिया है।
घटना को उजागर करने में इनका रहा सहयोग 
   आभियुक्ता की समस्त चालाकियो के बावजुद पुलिस दल द्वारा अभियुक्ता को खोज निकाला गया। इस कार्य में बांसवाडा पुलिस टीम के मोतीराम सारण थानाधिकारी कोतवाली बांसवाड़ा, संगीता बंजारा थानाधिकारी महिला थाना बांसवाडा, सचिन शर्मा पुलिस निरीक्षक प्रभारी यातायात शाखा बांसवाडा, सुरेश बिजारणिया पुलिस उप निरीक्षक डीएसटी टीम बांसवाडा, अन्सार अहमद पुलिस उप निरीक्षक थाना कोतवाली, नटवरलाल सउनि थाना कोतवाली, प्रविणसिह हैड कानि प्रभारी साईबर सेल बांसवाडा, आवीद खान हैड कानि डीएसटी बांसवाडा,  धर्मेन्द्रसिह कानि डीएसटी बांसवाडा, कानि हेमन्त पाटीदार, सुखराम, महेन्द्रसिह, महेन्द्र, बदेसिह, नरेश, किशन, 
प्रकाश चन्द्र कानि. कोतवाली बांसवाड़ा आदि का सहयोग रहा।

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