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RE-NEET UG विवाद: अब चेकिंग के नाम पर 'शर्मनाक' व्यवहार का आरोप

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NEET UG विवाद: अब चेकिंग के नाम पर 'शर्मनाक' व्यवहार का आरोप, छात्रा ने इंस्टाग्राम पर बयां किया दर्द

नई दिल्ली / कोलकाता।। नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा को लेकर जारी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में दोबारा आयोजित हुई (Re-NEET) परीक्षा संपन्न होने के बाद, अब परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा जांच के नाम पर छात्राओं के साथ मानसिक उत्पीड़न और अपमानजनक व्यवहार के गंभीर मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला पश्चिम बंगाल से आया है, जहां एक महिला अभ्यर्थी ने चेकिंग के बेहद आपत्तिजनक और असंवेदनशील तरीके पर सवाल उठाए हैं।

RE-NEET UG


इंस्टाग्राम पर बयां की आपबीती

Re-NEET परीक्षा में शामिल हुईं अभ्यर्थी ऋषिका पाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Id: @hrishikaapal) पर एक पोस्ट शेयर कर अपने साथ हुई घटना का खुलासा किया है। ऋषिका ने बताया कि परीक्षा केंद्र के एंट्री गेट पर सुरक्षा जांच के दौरान महिला स्टाफ का व्यवहार बेहद अपमानजनक था।

छात्रा का आरोप:

"चेकिंग के दौरान महिला स्टाफ सदस्य ने मुझसे पूछा कि क्या मुझे पीरियड्स (मासिक धर्म) हो रहे हैं? जब मैंने 'हां' में जवाब दिया, तो उन्होंने मुझे अपनी पैंट नीचे करने के लिए कहा ताकि वे यह जांच सकें कि मैंने सैनिटरी पैड ही पहना है या नहीं।"

कड़े नियमों के बीच मानसिक तनाव

गौरतलब है कि इस बार पेपर लीक विवाद के बाद एनटीए (NTA) ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। देश के कई शहरों में 20 लाख से अधिक छात्र इस परीक्षा में शामिल हुए, जहां उन्हें बेहद सख्त नियमों और सघन तलाशी का सामना करना पड़ा। लेकिन सुरक्षा के नाम पर मर्यादाओं को ताक पर रखने और छात्राओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की इस घटना ने एक बार फिर प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा

ऋषिका पाल की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। छात्र संगठनों और आम लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। यूजर्स का कहना है कि एक तरफ छात्र पहले से ही परीक्षा के तनाव और पेपर लीक के विवादों से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ परीक्षा केंद्रों पर उनके साथ अपराधियों जैसा और गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला व्यवहार किया जा रहा है।

इस मामले में अभी तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) या संबंधित परीक्षा केंद्र की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

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