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धर्मकांटों पर सरकारी हंटर- 179 पर जुर्माना, 18 सीज

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राजस्थान में धर्मकांटों पर सरकार का बड़ा हंटर: 179 पर जुर्माना, 18 वे-ब्रिज सीज; इस जिले में हुई सबसे बड़ी कार्रवाई

जयपुर/राजस्थान राजस्थान में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और व्यापारिक लेन-देन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भजनलाल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उपभोक्ता मामलात मंत्री सुमित गोदारा के सख्त निर्देशानुसार विधिक माप विज्ञान विभाग ने प्रदेशभर में धर्मकांटों (वे-ब्रिज) के खिलाफ एक बड़ा और विशेष सघन निरीक्षण अभियान चलाया। 23 से 25 जून तक चले इस तीन दिवसीय अभियान से मिलावटखोरों और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले संचालकों में हड़कंप मच गया।

प्रतिकात्मक चित्र 

311 धर्मकांटों की जांच, करीब 4 लाख का लगा जुर्माना

अभियान के दौरान विभाग की टीमों ने राज्यभर में कुल 311 धर्मकांटों का औचक निरीक्षण किया। जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए, जिसके बाद 179 संस्थानों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की गई। विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले इन संचालकों पर कुल 3 लाख 99 हजार 500 रुपए का जुर्माना ठोका है। इसके अलावा, बेहद गंभीर लापरवाही बरतने वाले 18 धर्मकांटों को मौके पर ही जब्त (सीज) कर लिया गया।

जांच में खुली पोल: बिना सत्यापन के चल रहे थे 116 धर्मकांटे

निरीक्षण के दौरान विभाग को कई प्रकार की बड़ी गड़बड़ियां देखने को मिलीं, जो सीधे तौर पर उपभोक्ताओं और व्यापारियों के भरोसे को चोट पहुंचा रही थीं:

  • बिना वेरिफिकेशन संचालन: 116 मामलों में धर्मकांटे बिना किसी सरकारी सत्यापन (Verification) के धड़ल्ले से चलाए जा रहे थे।

  • प्रमाण-पत्र गायब: 98 मामलों में संचालकों ने सत्यापन प्रमाण-पत्र को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं कर रखा था।

  • मानक बाटों में गड़बड़ी: 48 मामलों में मानक बाट सत्यापित नहीं मिले।

  • अनिवार्य भार गायब: 27 संस्थानों के पास अनिवार्य 'एक टन मानक भार' उपलब्ध ही नहीं था।

  • तौल में हेराफेरी: 2 मामलों में निर्धारित अधिकतम स्वीकार्य त्रुटि (Error Margin) से भी अधिक वजन पाया गया, जिससे सीधे तौर पर खरीद-फरोख्त की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।

जुर्माना वसूलने में ब्यावर और जब्ती में अलवर टॉप पर

ज़िला स्तर पर हुई कार्रवाई के आंकड़ों पर नज़र डालें तो ब्यावर में सबसे कड़ा एक्शन देखने को मिला, जहाँ सर्वाधिक 34,500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसके बाद:

  • चूरू: 30,000 रुपए जुर्माना

  • हनुमानगढ़: 26,000 रुपए जुर्माना

  • अलवर: 22,500 रुपए जुर्माना (साथ ही अलवर जिले में सर्वाधिक 9 धर्मकांटे जब्त किए गए)

  • अजमेर: 18,000 रुपए जुर्माना

विभाग की सख्त चेतावनी: आगे भी जारी रहेंगे औचक निरीक्षण विधिक माप विज्ञान विभाग ने साफ कर दिया है कि व्यापारिक लेन-देन में इस्तेमाल होने वाले सभी धर्मकांटों का समय पर वेरिफिकेशन कराना और तय मानक भार रखना कानूनी रूप से अनिवार्य है। विभाग ने सभी संचालकों से अपील की है कि वे नियमों का सख्ती से पालन करें, अन्यथा विधिक माप विज्ञान अधिनियम के तहत और भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, बाजार में पारदर्शिता और उपभोक्ताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।

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