नोएडा में 'हनीट्रैप' का भंडाफोड़: फ्रेंडशिप क्लब के नाम पर फंसाती थीं 'यादव सिस्टर्स', पुलिस ने गैंग को किया गिरफ्तार
नोएडा।। शुरुआत में तस्वीरें देखकर शायद आप धोखा खा जाएं, लेकिन जरा ठहरिए! ये प्रियंका यादव, निधि यादव और रिया यादव हैं। घबराइए नहीं, इन्होंने किसी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम नहीं दिया है, लेकिन इनके कारनामे किसी शातिर अपराधी से कम भी नहीं हैं। उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा में 'फ्रेंडशिप क्लब' और डेटिंग के बहाने सीधे-साधे लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले एक खतरनाक 'हनीट्रैप' गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
बातों से जाल... और फिर ब्लैकमेलिंग का खेल
यह गैंग बेहद शातिराना तरीके से काम करता था। सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए पहले लोगों को 'फ्रेंडशिप' का ऑफर दिया जाता था। जैसे ही कोई इनके झांसे में आता, ये कथित 'यादव सिस्टर्स' उन्हें मिलने के लिए किसी सुनसान या तय ठिकाने पर बुलाती थीं।
इसके बाद शुरू होता था असली खेल। जैसे ही शिकार जाल में फंसता, ये युवतियां अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित को डराती-धमकाती थीं और ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलती थीं।
गैंग में शामिल थे पुरुष साथी, मारपीट और लूटपाट की हदें पार
पुलिस के मुताबिक, इस गैंग में सिर्फ ये महिलाएं ही नहीं, बल्कि इनके तीन पुरुष साथी—ओमवीर यादव, पंकज यादव और मंगेश यादव भी शामिल थे। जब भी कोई शिकार इनके जाल में फंसकर डेट पर पहुंचता, तो ये तीनों वहां धमक पड़ते थे।
कैसे होती थी वारदात? बदनामी के डर से जब पीड़ित पैसे देने में आनाकानी करता, तो ये सभी मिलकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट करते थे और जो कुछ भी पास होता, उसे लूट लेते थे। लोक-लाज और बदनामी के डर से बेचारा शिकार पुलिस के पास जाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाता था।
सलाखों के पीछे पहुंचा पूरा गैंग
लगातार मिल रही शिकायतों और गुप्त सूचना के बाद एक्शन में आई नोएडा पुलिस ने जाल बिछाकर इस पूरे गिरोह को दबोच लिया है। पुलिस ने प्रियंका, निधि, रिया समेत उनके मददगार ओमवीर, पंकज और मंगेश यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब इनके बैंक खातों और पुराने शिकारों का पता लगाने में जुटी है।
Disclaimer:
इंटरनेट और सोशल मीडिया पर अनजान चेहरों और 'फ्रेंडशिप क्लब' के ऑफर्स से सावधान रहें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपको ऐसे शातिर गैंग का शिकार बना सकती है।

