'Street Fighter' के मंच पर विद्युत जामवाल का चमत्कार: 15 मिनट सांस रोककर किया मेडिटेशन, आँखों से निकले आंसू

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मार्शल आर्ट्स के ‘कमांडो’ विद्युत जामवाल का हॉलीवुड में जलवा, 15 मिनट सांस रोककर मेडिटेशन करने के वीडियो ने चौंकाया

मुंबई : बॉलीवुड में अपने बिना बॉडी डबल वाले खतरनाक एक्शन और बॉडी कंट्रोल के लिए जाने जाने वाले विद्युत जामवाल (Vidyut Jammwal) एक बार फिर जबरदस्त सुर्खियों में हैं। हाल ही में उनकी पहली हॉलीवुड फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ (Street Fighter) के इवेंट के दौरान उनका एक मेडिटेशन (ध्यान) वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसने उनके फैंस और दर्शकों को हैरान कर दिया है।

विद्युत जामवाल ने फिर किया हैरान! 15 मिनट तक सांस रोककर ध्यान में बैठे, हैरान रह गए लोग!

15 मिनट तक स्थिर मेडिटेशन और पलक न झपकाने का अभ्यास

रिपोर्ट्स और वायरल वीडियो के अनुसार, इवेंट के दौरान विद्युत जामवाल लगभग 15 मिनट तक पूरी तरह से स्थिर ध्यान की मुद्रा में बैठे रहे। इस दौरान उन्होंने अपनी सांस पर पूर्ण नियंत्रण (Kumbhaka) रखते हुए लंबे समय तक बिना पलकें झपकाए सामने देखा। ध्यान की चरम सीमा पर उनके शरीर में हल्का कंपन और आँखों से आंसू बहते दिखे, जिसे देखकर वहां मौजूद हर शख्स दंग रह गया।

हॉलीवुड फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ में बने हैं 'धालसिम'

विद्युत जामवाल हॉलीवुड की प्रतिष्ठित एक्शन/गेम बेस्ड फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ में आइकॉनिक कैरेक्टर ‘धालसिम’ (Dhalsim) की भूमिका निभा रहे हैं। धालसिम का किरदार योग, शरीर के लचीलेपन और मानसिक नियंत्रण के लिए जाना जाता है। विद्युत ने इस किरदार को निभाने के लिए कड़ी मेहनत और अपनी सालों पुरानी ट्रेनिंग का इस्तेमाल किया है।

बर्फीली झील से लेकर पिघली मोम तक... पहले भी चौंका चुके हैं विद्युत

विद्युत जामवाल के शरीर पर ऐसे अद्वितीय नियंत्रण वाले कारनामे पहली बार सामने नहीं आए हैं:

  • बर्फीली झील में योग: साल 2022 में विद्युत ने शून्य से नीचे के तापमान में बिना टी-शर्ट के बर्फीली झील के पानी में ध्यान और कलारीपयट्टू (Kalaripayattu) का अभ्यास करते हुए वीडियो शेयर किया था।

  • पिघलती मोम का स्टंट: उन्होंने अपने चेहरे पर पिघली हुई मोम डालकर शारीरिक और मानसिक सहनशक्ति का प्रदर्शन कर लोगों को चौंका दिया था।

कलारीपयट्टू और कड़ी अनुशासन की देन

विद्युत जामवाल की इस असाधारण क्षमता का आधार केरल की प्राचीन पारंपरिक युद्धकला 'कलारीपयट्टू' है। बचपन से ही आश्रम में इस कला का अभ्यास करने के कारण उनके शरीर में संतुलन, फुर्ती, लचीलापन और अद्भुत अनुशासन देखने को मिलता है। अपनी ‘कमांडो’ और ‘जंगली’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने कई बेहद मुश्किल और जोखिम भरे एक्शन सीन्स बिना बॉडी डबल के खुद ही किए हैं।

⚠️ चेतावनी: विद्युत जामवाल का यह अभ्यास सालों की ट्रेनिंग, पेशेवर मार्गदर्शन और अनुशासन का नतीजा है। विशेषज्ञों और स्वयं एक्टर के अनुसार, इस तरह के जोखिम भरे प्रयोगों या स्टंट्स को बिना सही मार्गदर्शन के घर पर दोहराने की कोशिश न करें, यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।

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