फिल्म अभिनेता सैफ अली खान की भोपाल में करोड़ों की पुश्तैनी संपत्ति छिन सकती है। केंद्र सरकार ने इसकी पूरी तैयारी भी कर ली है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से इस बारे में ब्योरा भी मांगा है। आखिर छोटे नवाब की संपत्ति पर संकट कैसे आ गया?
दरअसल केंद्रीय गृह मंत्रालय के शत्रु संपत्ति कार्यालय ने भोपाल के आखिरी नवाब और सैफ अली खान के परदादा हमीदुल्ला खां की चल अचल संपत्ति को 2 हजार 168 शत्रु संपत्तियों में शामिल कर शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया है। यानि ऐसी संपत्ति जिसका असली मालिक पाकिस्तान जा चुका हो और उस पर अब सिर्फ केंद्र सरकार का अधिकार है। 1968 में पारित शत्रु संपत्ति संरक्षण एवं पंजीकरण अधिनियम के संशोधित स्वरूप को राष्ट्रपति ने हाल ही में मंजूरी भी दे दी है लिहाजा सैफ अली खान की भोपाल वाली संपत्ति जब्त होने का खतरा और भी ज्यादा बढ़ गया है।
दरअसल फरवरी 2015 को दिए गए एक आदेश में केंद्र सरकार ने भोपाल के आखिरी नवाब हमीदुल्ला खां की उत्तराधिकारी सैफ अली खान की दादी साजिदा सुल्तान को नहीं माना बल्कि उनकी बड़ी बहन आबिदा को माना जो साल 1950 में पाकिस्तान शिफ्ट हो गई थीं। केंद्र सरकार ने आबिदा को हमीदुल्ला का वारिस मानकर उसकी संपत्ति का ब्योरा भी राज्य सरकार से मांगा है।
सैफ के वकीलों का कहना है कि हमीदुल्ला खां की मौत के बाद सैफ की दादी साजिदा सुल्तान को उनका वारिस चुना गया था। राष्ट्रपति के आदेश के तहत जब साजिदा को पहले ही हमीदुल्ला का वारिस माना जा चुका है तो अब आबिदा को उत्तराधिकारी बनाने का नया दावा क्या राष्ट्रपति के पुराने आदेश का उल्लंघन नहीं है।
फिलहाल इस मामले में अब संकट भोपाल के उन लोगों पर ज्यादा आ गया है जिन्होंने सैफ के परिवार से जमीनें कई साल पहले खरीदीं हैं। केंद्र सरकार यदि सख्त होती है तो भोपाल के हजारों लोगों पर बेदखली का संकट भी खड़ा हो जायेगा। हांलाकि राज्य सरकार अब इस मामले में भी कानूनी सलाह ले रही है।
