भारत ने बनाया दुनियाँ का सबसे बड़ा लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर

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     भारतीय वायुसेना और सेना के लिए बनाया गया लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर हर परीक्षा में खरा उतरा है। इस लड़ाकू हेलीकॉप्टर का निर्माण भारत में ही हुआ है। इसको भारत सरकार द्वारा संचालित हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड ने तैयार किया है। यह दुनियाँ का सबसे बड़ा लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है। इसने दुनियाँ भर में इतिहास रच दिया है। यह पहला लड़ाकू लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है जिसने समुद्र तल से 16 हजार फीट की ऊंचाई पर लैंड किया है। अभी तक कोई भी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ने यह उपलब्धि हासिल नहीं की है। यह हेलीकॉप्टर 19,700 से 21,300 फीट की ऊंचाई पर उड़ सकता है। इसलिए यह अधिक ऊंचाई वाले युद्ध क्षेत्र के लिए सबसे बेस्ट लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है।
    मल्टी रोल कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) का परिक्षण जोधपुर में करीब एक सप्ताह तक किया गया। रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष ओझा ने इसकी सफलता का प्रमाण दिया है। हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड ने इस हेलीकॉप्टर का जोधपुर में सख्त गर्मी के 40 से 42 डिग्री तापमान में इसका सफल परिक्षण किया। इस हेलीकॉप्टर ने बेंगलूरु से जोधपुर तक की उड़ान भरी। इस दौरान भारतीय वायुसेना और भारतीय सेना के पायलट और बड़े अधिकारी भी मौजूद थे।
   लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर का सफल परिक्षण लेह के सर्दियों के मौसम में भी किया गया। इसकी सफलता मिलने के बाद इस साल के आखिर तक लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर का क्रमवाचक तरीके से निर्माण शुरू कर देगी।


    लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर 3 से 5.8 टन से ज्यादा वजनी है। इस लड़ाकू हेलीकॉप्टर में दो शक्ति पावरफुल इंजन लगे हुये है। इसके साथ ही इसमें अत्याधुनिक तकनीक यूज़ की गई है। जो इसे बहुत फुर्तीला और पावरफुल बनाती है। और साथ ही इसका डिजाईन इतना शानदार और अलग बनाया गया है कि, देखने में ही घातक लगे। इसकी खासियत यह है कि, दिन में तो अच्छे निशाने लगा सकता है ही, लेकिन रात में कम रोशनी में भी दुश्मनों के छक्के छुड़ा सकता है। इस लड़ाकू हेलीकॉप्टर में रडार व लेज़र मिसाइल वार्निंग जैसे सिस्टम की नई तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।
    हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) आने वाले समय में 179 लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर बनाएगा। ज्सिमें 65 लड़ाकू हेलीकॉप्टर भारतीय वायुसेना को और बाकि 114 हेलीकॉप्टर भारतीय सेना को दिए जायेंगे।

    लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (टीडी-4) करीब 126 करोड़ की लागत से बनाया जायेगा। इससे पहले भी हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड ने लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर बनाये है। लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (टीडी-4) तपती गर्मी में भी और लेह के सर्द मौसम में भी अच्छे से काम करेगा। इन हेलीकॉप्टर के इंजन के सफल परिक्षण किये जा चुके है।

   लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर खूबियों से भरपूर लड़ाकू हेलीकॉप्टर है। यह हेलीकॉप्टर 330 किलोमीटर / घंटे की रफ़्तार से उड़ सकता है। इस लड़ाकू हेलीकॉप्टर में एक ट्विन और दो शक्ति इंजन लगे हुये है। जो इसको पावरफुल बनाता है। और इसमें अत्याधुनिक मिलिट्री तकनीक से विकसित किया गया है। जो दुश्मनों के छक्के छुड़ा सकता है। पायलटों की बेहतरीन सुरक्षा के लिए आर्म्ड प्रोटेक्शन सिस्टम लगा हुआ है। और इस एलसीएच लड़ाकू हेलीकॉप्टर में इंटिग्रेटेड डायनेमिक सिस्टम और 20 एमएम की गन व राकेट और मिसाइल भी लगे हुये है।






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