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बांसवाड़ा/राजस्थान।। भारतीय ट्राइबल पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विजय भाई मईडा ने महामहिम राज्यपाल को ईमेल के द्वारा ज्ञापन के माध्यम अवगत कराते हुए मांग की है कि राज्य सरकार के द्वारा राज्य में शिक्षा विभाग में विद्या संबल योजना के तहत सरकारी विद्यालयों में विभिन्न पदों पर भर्ती की जा रही है, जिसमें आरक्षित वर्ग st, sc, obc के लिए आरक्षण नियमों की स्पष्ट गाइडलाइन लागू नहीं की गई है, मईड़ा ने इसे स्पष्ट रूप से लागू करने तथा अनुसूचित क्षेत्र का जनजाति वर्ग अपने विशेषाधिकार के प्रावधानों तथा अनुच्छेद 244 (1) के तहत भर्तिया नहीं होने से आदिवासी समुदाय के अधिकारों का हनन होने की बात कही है।
मईड़ा ने बताया कि सरकार बैक डोर प्रक्रिया के माध्यम से भर्ती कर रही है, जिसमें बदलाव कि आवश्यकता है, साथ ही चयन समिति का अध्यक्ष स्थानीय ग्राम पंचायत का सरपंच या विद्यालय विकास समिति का अध्यक्ष होने की भी बीटीपी द्वारा मांग की गई है। मईड़ा ने कहा कि विद्यालय जिस ग्राम पंचायत में स्थित है, उस ग्राम पंचायत के अभ्यर्थी को पहले वरीयता दी जाए। उपलब्ध नहीं होने पर ब्लॉक स्तर या जिला स्तर के अभ्यर्थियों को लिया जाए और रोस्टर प्रणाली से चयन प्रक्रिया हो ताकि सभी जाति अनुरूप प्रत्येक वर्ग का प्रतिनिधित्व हो सके।
विध्यासंबल योजना में जनजाती बाहुल्य क्षेत्र को प्राथमिकता देने के लिए भारतीय ट्रायबल पार्टी बिटीपी ने राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड अधिकारी को भी ज्ञापन सौंपा जिसमें एसटी, एससी व औबिसी वर्ग का हवाला देते हुए कहा कि यह क्षेत्र जनजाति बाहुल्य व आरक्षित क्षेत्र है। अनुच्छेद 244 (1) के तहत भर्तियां नहीं होने से आदिवासी समुदाय के अधिकारों का हनन हो रहा है, इसमें बदलाव किया जाए ताकी इस क्षेत्र का बेरोजगार रोजगार व नोकरी से जुड़ सके। ज्ञापन में कहा गया कि जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में आदिवासी की संख्या बल ज्यादा हे यहा वार्ड पंच, सरपंच, प्रधान, जिला प्रमुख, विधायक, सांसद सभी जनजाति समुदाय से बनते है, ऐसे में आदिवासी समुदाय के व्यक्ति को भी चयन समिति में लिया जाए। उक्त ज्ञापन राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम सोपा गया। ज्ञापन में भारतीय ट्रायबल पार्टी बिटीपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विजय भाई मईडा, ब्लाक अध्यक्ष रामचंद्र राणा, शानु, सुभाष, राजेंद्र, उदयसिहं सहित सभी कार्यकर्ता मौजूद थे।



