Fertilizers Black Marketing : खाद की कालाबाजारी करने वालों की अब खैर नहीं! बॉर्डर इलाकों में मुखबिर सक्रिय, प्रशासन का सख्त अल्टीमेटम

0
Translate News:

 

खाद की कालाबाजारी पर कृषि विभाग का बड़ा एक्शन; एमपी-गुजरात बॉर्डर पर अलर्ट, ओवररेटिंग की तो निरस्त होगा लाइसेंस

कुशलगढ़ (बांसवाड़ा)। राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र कुशलगढ़ में इन दिनों खाद की कालाबाजारी और अवैध परिवहन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। मध्य प्रदेश और गुजरात की सीमाओं से सटे होने का फायदा उठाकर कुछ खाद विक्रेता मोटी चांदी कूटने और गरीब 'धरती पुत्रों' (किसानों) को ऊंचे दामों पर खाद बेचकर अपनी तिजोरियां भरने में लगे हैं। हालांकि, कृषि विभाग भी अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। विभाग लिखित, मौखिक और मीडिया के माध्यम से लगातार सतर्कता बरत रहा है। इसी कड़ी में बीती रात कृषि विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

Black Marketing of Fertilizers


चोपड़ा एजेंसी पर टीम ने खड़े रहकर बंटवाया 700 बैग यूरिया

यूरिया उर्वरक की निर्धारित दर से ज़्यादा कीमत वसूलने की शिकायतों के बीच, कृषि विभाग की टीम ने कुशलगढ़ स्थित चोपड़ा एजेंसी पर औचक दबिश दी। कृषि विस्तार (उप जिला कुशलगढ़) के सहायक निदेशक छगनलाल दामा के नेतृत्व में टीम ने मौके पर ही अपनी मौजूदगी में 700 बैग यूरिया खाद को निर्धारित सरकारी दर पर किसानों को वितरित करवाया। इस कार्रवाई से ब्लैक में खाद बेचने वाले डीलरों में हड़कंप मच गया।

कार्रवाई टीम में शामिल अधिकारी:

  • श्री छगनलाल दामा (सहायक निदेशक, कृषि विस्तार)

  • संतोष पारगी (सहायक कृषि अधिकारी, छोटी सरवा)

  • वगाजी डोडियार (वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक, डूंगरा)

  • जयराज कलाल (वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक, सज्जनगढ़)

कड़ी चेतावनी: खाद एमपी-गुजरात गया तो खैर नहीं, ज़ब्त होगी गाड़ी

कार्रवाई के बाद सहायक निदेशक छगनलाल दामा ने क्षेत्र के सभी कृषि आदान विक्रेताओं (डीलर्स) को सख्त लहजे में आगाह किया है। उन्होंने कहा:

  • लाइसेंस होगा निरस्त: अगर किसी भी डीलर ने निर्धारित दर से ₹1 भी अधिक वसूला या शिकायत मिली, तो उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 3(3) के तहत तत्काल कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निलंबित/निरस्त कर दिया जाएगा।

  • गाड़ी और माल होगा ज़ब्त: यूरिया की जमाखोरी, कालाबाजारी या बिना बिल्टी के अवैध परिवहन (विशेषकर मध्य प्रदेश या गुजरात भेजने) पर सख्त एक्शन लेते हुए माल और वाहन दोनों को ज़ब्त कर पुलिस केस दर्ज कराया जाएगा।

  • जिम्मेदारी डीलर की: किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर इसकी समस्त जिम्मेदारी स्वयं विक्रेता की होगी।

प्रशासन और जागरूक जनता ने संभाला मोर्चा

खाद की इस कालाबाजारी को जड़ से खत्म करने के लिए अब कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने भी हाथ मिला लिया है। बॉर्डर इलाकों और संदिग्ध गोदामों पर नजर रखने के लिए मुखबिर तंत्र (Secret Informers) को सक्रिय कर दिया गया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि किसानों के हक पर डाका डालने वाले किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा।

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)
Loading...

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top