जयपुर में कलयुगी बेटी की खौफनाक साजिश: सरकारी नौकरी के लालच में मां की सुपारी देकर हत्या, ताऊ के साथ मिलकर रचा चक्रव्यूह
जयपुर/राजस्थान।। राजस्थान की राजधानी जयपुर से रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। अनुकंपा पर मिलने वाली सरकारी नौकरी के लालच में एक बेटी इस कदर अंधी हो गई कि उसने अपने ही ताऊ के साथ मिलकर अपनी सगी मां की हत्या की खौफनाक साजिश रच डाली। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी बेटी और उसके ताऊ को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस अनुसंधान के अनुसार, जयपुर निवासी आयुषी शर्मा के पिता कोर्ट में लिपिक (क्लर्क) के पद पर कार्यरत थे। करीब एक साल पहले उनकी मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद नियमों के तहत उनकी पत्नी (आयुषी की मां) नीरज शर्मा को अनुकंपा के आधार पर वह सरकारी नौकरी मिल गई।
लेकिन आयुषी खुद उस सरकारी नौकरी को हासिल करना चाहती थी। मां के रहते यह मुमकिन नहीं था, इसलिए उसने अपनी ही मां को रास्ते से हटाने का क्रूर फैसला किया।
7 लाख की सुपारी और 'एक्सीडेंट' का ड्रामा
नौकरी के अंधाधुंध लालच में आयुषी ने अपने ताऊ के साथ मिलकर मां की हत्या की योजना बनाई। इसके लिए पेशेवर अपराधियों को 7 लाख रुपए की भारी-भरकम सुपारी दी गई। साजिश के तहत हत्या को एक हादसा (एक्सीडेंट) दिखाने की कोशिश की गई।
वारदात का दिन: बीते 4 जुलाई को सुनियोजित तरीके से एक तेज रफ्तार स्कार्पियो गाड़ी ने नीरज शर्मा को जोरदार टक्कर मारकर कुचल दिया।
अस्पताल में मौत: हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल नीरज शर्मा ने दम तोड़ दिया। पहली नजर में यह हिट-एंड-रन का मामला लग रहा था।
पुलिस की जांच में खुला राज, आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद जब पुलिस ने मामले की गहराई से तफ्तीश की और सीसीटीवी फुटेज व कॉल डिटेल्स खंगाली, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए:
मुख्य आरोपी बेटी (आयुषी शर्मा) को गिरफ्तार कर लिया है।
साजिश में बराबर के भागीदार उसके ताऊ को भी सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
पुलिस का बयान: "मामले में संलिप्त अन्य आरोपी (सुपारी किलर और स्कार्पियो चालक) फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही वे भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।"
रिश्तों का कत्ल: समाज के लिए गंभीर चिंता
इस घटना ने समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या चंद पैसों और एक सरकारी नौकरी के लिए कोई संतान इस हद तक गिर सकती है? पाल-पोसकर बड़ा करने वाली मां की इस तरह बेरहमी से हत्या करवाना, मानवीय संवेदनाओं की पराकाष्ठा को पार कर चुका है। आरोपी आयुषी और उसके ताऊ को उनके किए की सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए पुलिस कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
