रोहित पंचाल मौत मामला: परिजनों से मिले CM डॉ. मोहन यादव, उच्च स्तरीय जांच और सहायता का दिया आश्वासन
झाबुआ/मध्य प्रदेश।। झाबुआ जिले के बहुचर्चित रोहित पंचाल संदिग्ध मौत प्रकरण में घटना के लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी जांच किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुँच सकी है। मामले में निष्पक्ष, पारदर्शी और शीघ्र कार्रवाई की मांग को लेकर रोहित के परिजनों एवं पंचाल समाज के प्रतिनिधियों ने झाबुआ प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की।
CM ने दी सांत्वना, कहा— 'दोषी बख्शे नहीं जाएंगे'
मुलाकात के दौरान जब रोहित की पत्नी शिवानी भावुक हुईं, तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें सांत्वना देते हुए ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि:
उच्च स्तरीय जांच: प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी।
कठोर कार्रवाई: जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
आर्थिक मदद: पीड़ित परिवार और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए हरसंभव आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
DNA रिपोर्ट पर टिकीं जांच की निगाहें
मामले की वैज्ञानिक पड़ताल में घटनास्थल से मिले रक्त के नमूनों को बेहद अहम माना जा रहा है।
जांच की वर्तमान स्थिति:
सूत्रों के अनुसार, मौके से लिया गया सैंपल मानव रक्त (Human Blood) होने की पुष्टि हो चुकी है। अब रोहित के पिता और भाई के DNA नमूने मिलान के लिए भेजे गए हैं। अंतिम डीएनए रिपोर्ट आना अभी बाकी है, जिसके आधार पर ही यह साफ हो पाएगा कि यह वैज्ञानिक साक्ष्य जांच को किस दिशा में मोड़ता है।
पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल, SP को सौंपा ज्ञापन
रोहित के परिजनों ने पुलिस कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने मेघनगर थाना प्रभारी और रंभापुर चौकी प्रभारी की भूमिका की गोपनीय व विभागीय जांच की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) को एक शिकायती आवेदन सौंपा है।
आवेदन में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच की मांग की गई है:
संबंधित पुलिस अधिकारियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR)।
मोबाइल लोकेशन एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहन समीक्षा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने आवेदन पर नियमानुसार निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
परिजनों और समाज की एक ही मांग
घटना के एक महीने बाद भी सच्चाई सामने न आने से परिवार और पंचाल समाज में चिंता का माहौल है। परिजनों की स्पष्ट मांग है कि मामले की समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाए ताकि दिवंगत रोहित को न्याय मिल सके।

