मांग दिवस पर BMS का हुंकार: श्रमिक हित में 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

0

मांग दिवस पर BMS का हुंकार: श्रमिक हित में 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

बांसवाड़ा। भारतीय मजदूर संघ (BMS) की ओर से आज राष्ट्रव्यापी 'मांग दिवस' के अवसर पर श्रमिकों और कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान हेतु जोरदार प्रदर्शन किया गया। BMS के पदाधिकारियों ने श्रमिकों के अधिकारों की आवाज बुलंद करते हुए प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री तथा केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा।

कर्मचारी हित में BMS की दहाड़ 5-डे वर्किंग और लेबर कोड संशोधन सहित रखी 11 मांगें

संघ ने केंद्र व राज्य सरकार से श्रमिक हित में बिना किसी विलंब के ठोस और त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है।

ज्ञापन में प्रमुखता से उठीं ये 11 मुख्य मांगे:

  1. EPS-95 पेंशन वृद्धि: EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर ₹7,500 प्रति माह करने तथा इसे महंगाई भत्ते से जोड़ने की मांग।

  2. पुरानी पेंशन योजना (OPS): कर्मचारियों के सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा के लिए पुरानी पेंशन योजना को पुनः बहाल किया जाए।

  3. EPF, ESIC व बोनस सीलिंग: EPF, ESIC और बोनस की तय सीमाओं (सीलिंग) को दोगुना करने का आग्रह।

  4. ग्रेच्युटी गणना में सुधार: ग्रेच्युटी की गणना मौजूदा 15 दिन के बजाय 30 दिन के वेतन के आधार पर की जाए।

  5. समान काम, समान वेतन: संविदा और अस्थाई कर्मियों के लिए 'समान कार्य के लिए समान वेतन' का नियम सख्ती से लागू हो।

  6. न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी: वर्तमान महंगाई दर को देखते हुए श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में सम्मानजनक वृद्धि की जाए।

  7. स्कीम वर्करों को राहत: आंगनवाड़ी, आशा सहयोगिनी, मिड-डे मील और NHM कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा दी जाए।

  8. बैंकिंग क्षेत्र में राहत: बैंकों में कर्मचारियों के लिए 5 दिवसीय कार्य सप्ताह (5-Day Work Week) तत्काल लागू किया जाए।

  9. लेबर कोड में संशोधन: नए लेबर कोड में शामिल श्रमिक विरोधी प्रावधानों को हटाकर उनमें आवश्यक संशोधन किए जाएं।

  10. ठेका प्रथा पर अंकुश: स्थायी प्रकृति के कार्यों में ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर नियमित भर्तियां की जाएं।

  11. समयबद्ध निस्तारण: श्रमिक वर्ग की सभी जायज मांगों पर निश्चित समय-सीमा के भीतर ठोस कदम उठाए जाएं।

मुकेश सोलंकी, प्रदेश महामंत्री, भारतीय मजदूर संघ एवं भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार श्रमिकों की इन जायज और बुनियादी मांगों पर समय रहते ध्यान नहीं देती है, तो संघ आंदोलन को और अधिक तीव्र करने के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top