Forest Land वन भूमि पर कब्जे को लेकर विवाद गहराया, आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

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बांसवाड़ा में वन भूमि पर कब्जे को लेकर गर्माया माहौल: ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

बांसवाड़ा, राजस्थान : जिले के ग्राम पंचायत लिमथान के ग्राम सागा में वन भूमि पर कब्जे और पशुओं के चरने पर रोक लगाने को लेकर विवाद गहरा गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की गुहार लगाई है।

वन भूमि पर 18 लोगों के कब्जे की शिकायत, कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्राम सागा के लोग

ग्रामीणों के अनुसार, खसरा नंबर 255/67 और 256/68 की भूमि पर वे लंबे समय से अपने मवेशियों को चराते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि खोमा निनामा सहित करीब 18 लोग इस भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने की नियत से कच्ची बाउंड्री बना रहे हैं और ग्रामीणों को अपने पशु वहां चराने से रोक रहे हैं।

पूजा-अर्चना से रोकने और धमकाने का गंभीर आरोप

ग्रामीणों ने शिकायत में यह भी बताया कि आरोपियों ने गुरुपूर्णिमा के अवसर पर उन्हें स्थानीय मंदिर में पूजा-अर्चना करने से जबरन रोका और विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज व मारपीट की धमकी दी।

कार्रवाई न होने से बढ़ा असंतोष

पीड़ित ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर पूर्व में 4 जुलाई को भी वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन देकर अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की उदासीनता के कारण कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हैं।

ग्रामीणों की मुख्य मांगें:

  • मौका मुआयना: कलेक्ट्रेट प्रशासन तुरंत पुलिस और राजस्व टीम भेजकर मौके की निष्पक्ष जांच कराए।

  • अतिक्रमण पर कार्रवाई: वन भूमि पर किए जा रहे अवैध कब्जे व कच्ची बाउंड्री को तत्काल हटवाया जाए।

  • सुरक्षा व पौधरोपण: भविष्य में दोबारा कब्जे की आशंका को खत्म करने के लिए भूमि की पक्की बाउंड्रीवाल बनाई जाए और वहां वृहद स्तर पर पौधरोपण कराया जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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