बांसवाड़ा की बेटी मुकुल पटेल ने फतह की महाराष्ट्र की चुनौतीपूर्ण सांधन घाटी, रचा इतिहास
बांसवाड़ा, राजस्थान : "कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो..." दुष्यंत कुमार की ये पंक्तियां राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी क्षेत्र के छोटे से गांव बावड़ी की बेटी पर सटीक बैठती हैं। आदिवासी समाज की होनहार और प्रतिभाशाली बेटी मुकुल पटेल ने अपनी हिम्मत और जुनून के दम पर महाराष्ट्र की बेहद खतरनाक मानी जाने वाली सांधन घाटी (Sandhan Valley) को सफलतापूर्वक फतह कर पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है।
साहस और रोमांच का अद्भुत संगम
मुकुल ने 23 अगस्त 2026 को 'Phoenix Adventure' टीम के साथ इस रोमांचक और कठिन ट्रेक की शुरुआत की। ट्रेकिंग के दौरान उन्होंने घुटनों तक बहते पानी के बीच रास्ता बनाने, विशाल पत्थरों पर बोल्डर क्लाइम्बिंग करने और लगभग 150 फीट की ऊंचाई से रैपलिंग (रस्सी के सहारे नीचे उतरना) जैसी जानलेवा चुनौतियों का हंसते-हंसते सामना किया।
नारी सशक्तिकरण की मिसाल
आज के दौर में जब नारी सशक्तिकरण और आत्मसम्मान की बातें होती हैं, तब मुकुल जैसी बेटियां इसे धरातल पर साबित करके दिखाती हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद मुकुल ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे बुलंद हों, तो कोई भी घाटी या पर्वत छोटा पड़ जाता है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार और बावड़ी गांव, बल्कि पूरा बांसवाड़ा जिला और आदिवासी समाज गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
युवाओं को दिया खास संदेश
अपनी इस ऐतिहासिक सफलता के बाद मुकुल पटेल ने देश के युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि, "हर युवा को अपने सपनों को पूरा करने के लिए निडर होकर आगे बढ़ना चाहिए।" इसके साथ ही उन्होंने प्रकृति संरक्षण पर जोर देते हुए युवाओं से प्रकृति के करीब रहने और अधिक से अधिक पेड़ लगाने की भावुक अपील भी की।
मुकुल पटेल की यह जीत केवल एक घाटी को फतह करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह राजस्थान की माटी की बेटियों के अदम्य साहस, हुनर और नए भारत की नारी शक्ति की बुलंद तस्वीर है।

