Amarthun खस्ताहाल स्कूलों की मरम्मत और नवनिर्माण की मांग, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

0
Translate News:

जर्जर शाला भवनों की मरम्मत और नवनिर्माण नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज: घाटोल SDM को CM व शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

बांसवाड़ा (घाटोल)। उपखण्ड घाटोल क्षेत्र के अमरथून नोडल अंतर्गत जर्जर स्कूल भवनों, मूलभूत सुविधाओं के अभाव और वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर जबरन स्कूल शिफ्टिंग को लेकर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा है। आंदोलन के दूसरे दिन ग्रामीणों ने राउमावि अमरथून में एकत्र होकर शिक्षा विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके पश्चात उपखण्ड अधिकारी (SDM) घाटोल को मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

कागजी खानापूर्ति और भेदभाव का आरोप: 3 किमी दूर स्कूल शिफ्टिंग का विरोध, अमरथून में बना संघर्ष समिति
वैकल्पिक शिफ्टिंग का कड़ा विरोध: "3 किमी दूर नहर पार कैसे जाएं नौनिहाल?"

सरकार के "सुरक्षित वैकल्पिक इंतजाम" के तहत स्कूल शिफ्ट करने के फैसले पर ग्रामीणों ने गहरा ऐतराज जताया है। संघर्ष समिति के संयोजक एवं पूर्व सरपंच धीरजमल ने बताया कि अमरथून, खेड़ली पाड़ा और कोठारिया पाड़ा जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में अधिकतर गरीब, निर्धन और बीपीएल परिवार रहते हैं।

बच्चों को 3 किलोमीटर दूर अन्य स्कूल भेजने से उनके आगे हादसों का खतरा मंडरा रहा है। रास्ते में बड़ी नहर पड़ती है, जहां पूर्व में भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एकतरफा शिफ्टिंग के आदेश वापस नहीं लिए गए, तो आदेशों की होली जलाई जाएगी।

"8 माह पूर्व कोठारिया पाड़ा स्कूल को खेड़ली पाड़ा में शिफ्ट किया गया, जो खुद खंडहर है! छत का प्लास्टर गिरता है, जिससे डरकर शिक्षक बच्चों की छुट्टी कर देते हैं। ऐसी स्थिति में अस्थाई आदेश जारी करने वाले अधिकारियों की कार्यशैली चिंतनीय है।"

वक्ता, विरोध सभा

कागजी खानापूर्ति और समसा (SAMSA) बजट आवंटन में भेदभाव का आरोप

ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और समसा के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अमरथून नोडल के प्रस्तावों को कागजों तक सीमित रखा गया है, जबकि समसा विभाग बजट का आवंटन केवल अपने चहेतों को कर रहा है।

  • आठ माह बाद भी लाचारी: न नए कमरे बने, न शौचालय-मूत्रालय और न ही एमडीएम किचन शेड। यहां तक कि वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर किराए का मकान भाड़ा भी जारी नहीं किया गया।

  • अतिक्रमण और बुनियादी सुविधाएं zero: स्कूलों में चारदीवारी, बिजली, पानी, खेल मैदान का पूरी तरह अभाव है और जमीन पर अतिक्रमण व्याप्त है।

CBEO बामणिया ने दिया सकारात्मक आश्वासन

विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही CBEO घाटोल (बामणिया जी) मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों व प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। ग्रामीणों के कड़े रुख को देखते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि जनभावनाओं को उच्च स्तरीय अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए त्वरित कदम उठाए जाएंगे।

प्रमुख मांगे (ज्ञापन के मुख्य बिंदु):

  1. यथावत नवनिर्माण: खेड़ली पाड़ा और कोठारिया पाड़ा प्राथमिक विद्यालयों को अन्यत्र शिफ्ट न कर, उसी जगह पर DMFT, CSR स्कीम या समसा के तहत 5-5 नवीन कक्षा-कक्षों का निर्माण कराया जाए।

  2. पद सृजन व नियुक्ति: RTE नियमानुसार 5 कक्षाओं पर 5 कार्मिकों की नियुक्ति की जाए।

  3. अमरथून नोडल का विकास: राउमावि अमरथून में 10 नए कक्षा-कक्ष, 5 प्रयोगशालाएं और छात्रावास स्वीकृत किया जाए।

  4. स्टाफ व स्थानांतरण रद्द: 4 साल पूर्व क्रमोन्नत राउमावि भंवर वोड में व्याख्याताओं के रिक्त पद भरे जाएं तथा स्थानांतरित संस्था प्रधान आशीष पंड्या का स्थानांतरण निरस्त कर पुनः पदस्थापित किया जाए।

प्रदर्शन में ये रहे मौजूद

इस अवसर पर कमजी निनामा, शम्भू लाल, नाथूलाल, प्रभुलाल, खातू भाई, शंकर भाई, नरेश कुमार निनामा, होमला भाई सहित संघर्ष समिति के दर्जनों सदस्य, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)
Loading...

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top