जोधपुर हाईकोर्ट परिसर में हाई-प्रोफाइल ड्रामा: प्रेमिका के मुकरने पर युवक ने बालकनी से कूदकर आत्महत्या का किया प्रयास, स्टाफ और वकीलों ने बचाई जान
जोधपुर : राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ परिसर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्रेम विवाह और बंदी प्रत्यक्षीकरण से जुड़े एक संवेदनशील मामले की सुनवाई के दौरान एक 22 वर्षीय युवक ने एडवोकेट चैंबर परिसर की बालकनी से कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया।
📌 घटना का पूरा क्रम: पहचान के विवाद के बाद बिगड़ा माहौल
घटना बाड़मेर रोड (गंगाणा) निवासी युवक कार्तिक उर्फ अरबाज खान (22) से जुड़ी है।
मामले की सुनवाई के दौरान जब राजकीय नारी निकेतन, जोधपुर से युवती को अदालत के समक्ष पेश किया गया, तो युवती ने युवक के नाम और धार्मिक पहचान को लेकर अपनी बातें सामने रखीं।
प्रेमिका के इस फैसले से स्तब्ध होकर युवक आपा खो बैठा और दौड़कर चैंबर परिसर की बालकनी की रेलिंग पर चढ़ गया तथा नीचे छलांग लगाने की कोशिश की।
👮 पुलिस कार्रवाई: युवक 151 के तहत निरुद्ध
घटना के तुरंत बाद सूचना मिलने पर कुड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने कब्जे में ले लिया।
⚖️ हाईकोर्ट का फैसला: युवती की कस्टडी बुआ को सौंपी गई
न्यायिक घटनाक्रम की बात करें तो राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ (जस्टिस मुन्नूरी लक्ष्मण और जस्टिस चंद्र प्रकाश श्रीमाली) ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका संख्या 533/2026 पर सुनवाई की।
काउंसलिंग रिपोर्ट: राजकीय नारी निकेतन की काउंसलिंग रिपोर्ट में युवती ने स्पष्ट रूप से अपनी बुआ 'देवी' के साथ जाने की इच्छा जाहिर की।
परिजनों की सहमति: युवती की बुआ ने भी उसे अपने पास रखने पर सहमति जताई और याचिकाकर्ता पक्ष ने भी इस पर कोई आपत्ति नहीं दर्ज कराई।
अदालत का निर्देश: खंडपीठ ने सभी पक्षों के बयानों और परिस्थितियों को देखते हुए युवती की कस्टडी उसकी बुआ को सौंपने के आदेश जारी किए।
🔍 फर्जी विवाह प्रमाण पत्र का मामला भी विचाराधीन
मामले में फर्जी दस्तावेजों का एंगल भी सामने आया है।
इस याचिका में कथित रूप से तैयार किए गए फर्जी विवाह प्रमाण पत्र (Fake Marriage Certificate) की जालसाजी की जांच और कानूनी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।

