कश्मीर में ये कैसे प्रदर्शनकारी! सेना के जवानों पर फेंक रहे हैं पेट्रोल बम

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 हिन्दू मुलाजिमों ने कश्मीर छोड़ा। 15 जुलाई का दिन खास।
     पिछले एक सप्ताह में कश्मीर घाटी में कफ्र्यू लगा हुआ है। हिजबुल मुजाहद्दीन के कमाण्डर बुरहान वाणी की मौत के बाद से लगातार घाटी में हिंसक वारदातें हो रही हैं। आमतौर पर जो प्रदर्शन होते है उसमें पुलिस की थोड़ी सी कार्यवाही के बाद प्रदर्शनकारी इधर-उधर भाग जाते हैं, लेकिन घाटी के प्रदर्शनकारी ऐसे नहीं है। कफ्र्यू तोड़कर कश्मीर की पुलिस ही नहीं बल्कि भारतीय सेना के सामने सीना तान कर खड़े हैं। सेना पर पत्थर फैंकने की घटना तो अब आम बात है, लेकिन युवा प्रदर्शनकारी खुलेआम देशी पेट्रोल बम फेंक रहे हैं। गंभीर बात तो यह है कि प्रदर्शनकारियों में महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। पिछले कुछ दिनों की घटनाओं के वीडियो न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया पर चले हैं। इन वीडियो को देखने से यह जाहिर होता है कि पेट्रोल बम फेंकने वालों के सामने सेना के जवान भी मजबूर है। इधर सेना के जवान बम फेंकने वालों पर कोई सख्त कार्यवाही नहीं कर रहे तो कश्मीर पुलिस के जवान जवाब में पत्थरबाजी करने को ही मजबूर हैं। ऐसे माहौल में ही 14 जुलाई को यह खबर आई है कि कश्मीर में अलगाववादियों को प्रतिवर्ष पाकिस्तान से 100 करोड़ रुपए हवाला के जरिए मिल रहे हैं। जिस तरह से कश्मीर के कुछ मुस्लिम युवक सेना के सामने सीना तान कर खड़े हैं उससे तो प्रतीत होता है कि यह विदेशी धन के बिना संभव नहीं है। इस बीच यह भी खबर आई है कि प्रधानमंत्री विशेष रोजगार पैकेज के तहत जो हिन्दू कश्मीर में नौकरी करने गए थे वे मुलाजिम भी अब जम्मू लौट आए हैं। यानि कश्मीर में हिन्दू सरकारी कर्मचारी भी काम नहीं कर पा रहा है। पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय मंच पर आतंकी वाणी की मौत और कश्मीर की ताजा हिंसक घटनाओं को उठा रहा है, लेकिन पाकिस्तान यह नहीं बता रहा कि कश्मीर में किस तरह से पुलिस और सेना पर पेट्रोल बम फेंके जा रहे हैं।
     अलगाव वादियों ने कश्मीर बंद को दो दिन और बढ़ा दिया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि 15 जुलाई को जुम्मे की नमाज के बाद के हालातों का और फायदा उठाया जा सके। श्रीनगर सहित घाटी के अन्य क्षेत्रों की मस्जिदों में जुम्मे की नमाज के लिए बड़ी संख्या में मुसलमान एकत्रित होते हैं। कई बार इस नमाज के बाद घाटी में हिंसक वारदातें हुई है, इसलिए 15 जुलाई के दिन को कश्मीर में खास माना जा रहा है।
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