अवैध फीस लेने वाले विद्यालयों पर होगी कड़ी कार्यावाही - शिक्षा मंत्री

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भ्रष्टाचार को रोकने में जो खण्ड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी व मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्य नही कर पा रहे है उनके खिलाफ भी की जाये कार्यवाही – पाण्डेय
    रुद्रपुर।। शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने आज कलेक्ट्रेट सभागार से मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम व सभी जिलाधिकारियों, मुख्य शिक्षा अधिकारियो से वीडियो कान्फ्रेन्स कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। 
    पाण्डेय ने कहा कि इस समय हम कोविड-19 से संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में सरकार की मंशा आम आदमी को राहत देने की है। उन्होंने कहा कि कुछ प्राईवेट विद्यालय अभिभावकों से अवैध फीस लेने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अवैध फीस लेने वाले विद्यालयों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। उन्हांेने कहा ट्यूशन फीस के अतिरिक्त कोई भी शुल्क न लिया जाये। विद्यालय खुलने के बाद फीस एक साथ जमा न कर किश्तों में ली जाये। 
    उन्होंने कहा कि जो अभिभावक फीस देने में सक्षम हैं वे फीस जमा कर सकते हैं। उन्होंने कहा इस समय सभी विद्यालय बन्द हैं इसके बावजूद कुछ विद्यालयों द्वारा स्कूल बस, कम्प्यूटर आदि की भी फीस ली जा रही है। उन्होंने कहा ऐसे विद्यालयों पर कार्यवाही करते हुये उनकी मान्यता भी रद्द की जाये। 
    शिक्षा मंत्री ने कहा इस भ्रष्टाचार को रोकने में जो खण्ड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी व मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्य नही कर पा रहे है उनके खिलाफ भी कार्यवाही करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा किसी विद्यालय की शिकायत आने पर सोशल मीडिया के माध्यम से मुझे अवगत कराएँ ताकि उन विद्यालयों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा सभी विद्यालय में केवल एनसीआरटी की किताबें ही मान्य होगी। एनसीआरटी के अलावा किसी अन्य पाठ्यक्रम की किताबे मान्य नहीं होंगी। 
    इस अवसर पर जिलाधिकारी डाॅ. नीरज खैरवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरिन्दरजीत सिंह, मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित, अपर जिलाधिकारी जगदीश चन्द्र काण्डपाल, उत्तम सिंह चैहान, मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्या, जिला शिक्षा अधिकारी एके सिंह, खण्ड शिक्षा अधिकारी डाॅ. गुंजन अमरोही आदि उपस्थित थे। 

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