देश की अदालतों में वकालत का 'लाइसेंस' है AIBE: जानिए क्यों हर लॉ ग्रेजुएट के लिए जरूरी है यह परीक्षा
खास बातें:
- बिना AIBE पास किए देश की किसी भी अदालत में नियमित प्रैक्टिस मुमकिन नहीं।
- यह परीक्षा साल में आमतौर पर आयोजित की जाती है और इसमें कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती।
- सुप्रीम कोर्ट भी बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के इस परीक्षा को आयोजित करने के अधिकार को पूरी तरह सही ठहरा चुका है।
नई दिल्ली: लॉ (कानून) की पढ़ाई पूरी करने के बाद हर छात्र का सपना होता है कि वह कोर्ट रूम में खड़े होकर बहस करे और न्याय की लड़ाई लड़े। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ LLB की डिग्री मिल जाने से आप देश की अदालतों में नियमित तौर पर वकालत नहीं कर सकते? इसके लिए आपको पार करनी होती है एक बेहद जरूरी सीढ़ी, जिसे AIBE (All India Bar Examination) कहा जाता है।
आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि आखिर यह परीक्षा क्या है, इसका क्या महत्व है और इसका पैटर्न कैसा होता है।
1. क्या है ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE)?
2. सुप्रीम कोर्ट की भी लग चुकी है मुहर
AIBE की अनिवार्यता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक ऐतिहासिक फैसले में साफ कर दिया है कि वकालत के पेशे की गरिमा और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के पास परीक्षा आयोजित करने का पूरा अधिकार है। कोर्ट ने माना कि यह परीक्षा वकीलों के स्तर को बेहतर बनाने के लिए बेहद जरूरी है।
3. परीक्षा का पैटर्न और तैयारी (Exam Pattern)
यह परीक्षा ऑफलाइन मोड में (Pen-Paper आधारित) आयोजित की जाती है।
- प्रश्नों के प्रकार: परीक्षा में कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) पूछे जाते हैं।
- नेगेटिव मार्किंग: सबसे राहत की बात यह है कि इस परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती, यानी गलत उत्तर के लिए अंक नहीं काटे जाते。
- सिलेबस का दायरा: इसमें कॉन्स्टिट्यूशन (संविधान), क्रिमिनल लॉ (IPC/CrPC या नए कानून), कॉन्ट्रैक्ट एक्ट, फैमिली लॉ और लैंडमार्क जजमेंट्स (प्रमुख अदालती फैसले) जैसे कई विषयों से सवाल आते हैं।
- पासिंग मार्क्स: परीक्षा को पास करने के लिए सामान्य (General) और ओबीसी (OBC) श्रेणी के उम्मीदवारों को न्यूनतम 45% अंक और एससी/एसटी (SC/ST) उम्मीदवारों को 40% अंक लाने अनिवार्य होते हैं।
महत्वपूर्ण बदलाव: पहले यह परीक्षा पूरी तरह 'ओपन बुक' होती थी, जहां उम्मीदवार कोई भी किताब ले जा सकते थे।
लेकिन अब नियमों के मुताबिक, परीक्षा हॉल में सिर्फ बिना नोट्स वाले बेयर एक्ट्स (Bare Acts) ले जाने की ही अनुमति होती है।
4. कौन दे सकता है यह परीक्षा?
उम्मीदवार के पास 3 साल या 5 साल की LLB डिग्री होनी चाहिए।
परीक्षा में बैठने से पहले उम्मीदवार का अपने राज्य के स्टेट बार काउंसिल (State Bar Council) में एक वकील (Advocate) के रूप में प्रोविजनल नामांकन (Provisional Enrollment) होना जरूरी है।
निष्कर्ष
AIBE केवल एक परीक्षा नहीं है, बल्कि यह एक नए वकील के लिए जिम्मेदारी और पेशेवर सफर की शुरुआत है।

