अयोध्या राम मंदिर: दैनिक चढ़ावे में आई कमी, बड़े नोटों की जगह दानपेटी में बढ़े छोटे नोट
अयोध्या: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या और दान के तौर-तरीकों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंदिर के दैनिक नकद चढ़ावे में करीब 10 लाख से 12 लाख रुपये तक की कमी दर्ज की गई है। इस गिरावट के पीछे दानपात्रों में बड़े नोटों (जैसे 500) की कमी और छोटे नोटों की आमद को मुख्य कारण माना जा रहा है।
500 रुपये के नोटों के बंडल हुए कम
मंदिर प्रबंधन से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि पहले जब दानपात्र खाली किए जाते थे, तब 500 रुपये के नोटों के लगभग 70 से 80 बंडल बनते थे। हालांकि, अब यह संख्या काफी सिमट गई है और अब सिर्फ 12 से 15 बंडल ही बड़े नोटों के मिल रहे हैं। इसके अलावा 100 और 200 रुपये के नोटों की संख्या में भी पहले के मुकाबले कमी आई है।
दानपेटी में आई छोटे नोटों की 'बाढ़'
बड़ी करेंसी के कम होने के साथ ही मंदिर में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु अब भारी संख्या में 10, 20 और 50 के छोटे नोट दानपेटी में डाल रहे हैं। इसके चलते मंदिर के पास छोटे नोटों का भारी स्टॉक (बाढ़ सी) जमा हो गया है।
क्या हैं इसके मुख्य कारण?
इस बदलाव के पीछे दो मुख्य वजहें सामने आ रही हैं:
ऑनलाइन ट्रांजैक्शन (UPI): बहुत से श्रद्धालु अब नकद देने के बजाय डिजिटल माध्यमों (UPI/क्यूआर कोड) से सीधा ट्रस्ट के खाते में बड़ा दान दे रहे हैं, जिससे नकद चढ़ावे में कमी दिख रही है।
श्रद्धालुओं की संख्या में सामान्य उतार-चढ़ाव: शुरुआती महीनों की भारी भीड़ के बाद अब दर्शनार्थियों की संख्या सामान्य और व्यवस्थित हो रही है, जिसका असर दैनिक नकद कलेक्शन पर पड़ा है।
फिलहाल, मंदिर प्रबंधन इस व्यवस्था को संभालने और छोटे नोटों की गिनती को आसान बनाने के लिए नए तरीके अपना रहा है।

