सार्वजनिक वन भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश से बढ़ा विवाद: ग्रामीणों ने DFO से लगाई गुहार, तत्काल कार्रवाई की मांग
बांसवाड़ा/राजस्थान | जिले की ग्राम पंचायत लिमथान के सागवाडिया गांव में सार्वजनिक वन भूमि पर अवैध कब्जे के प्रयास को लेकर ग्रामीणों और कब्जाधारियों के बीच तनाव का माहौल बन गया है। वर्षों से पशु चराई के उपयोग में आ रही इस वन भूमि को बचाने के लिए सागवाडिया के ग्रामीणों ने जिला वन अधिकारी (DFO) को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कच्ची बाउंड्री बनाकर रोका मवेशियों का रास्ता
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ असामाजिक एवं प्रभावशाली लोग जबरन वन भूमि को अपने कब्जे में लेने का प्रयास कर रहे हैं। आरोपितों ने जमीन पर कच्ची बाउंड्री बनानी शुरू कर दी है और ग्रामीणों के मवेशियों को वहां चरने जाने से रोका जा रहा है। सार्वजनिक जमीन पर इस तरह के अतिक्रमण के प्रयास से गांव में भारी आक्रोश है, जिससे कभी भी विवाद बड़ा रूप ले सकता है।
"4 जुलाई को भी दिया था ज्ञापन, लेकिन नहीं हुई कार्रवाई"
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने 4 जुलाई 2026 को भी जिला प्रशासन के समक्ष गुहार लगाई थी। इसके बावजूद समय रहते कोई ठोस प्रशासनिक कदम नहीं उठाया गया, जिससे बेखौफ कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हो गए।
ग्रामीणों ने रखी तीन मुख्य मांगें:
अतिक्रमण पर तुरंत बुलडोजर/कार्रवाई: वन भूमि को तुरंत अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए।
स्थाई बाउंड्रीवाल: भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए जमीन के चारों ओर पक्की बाउंड्रीवाल का निर्माण हो।
सघन पौधारोपण: सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए क्षेत्र में जल्द से जल्द पौधारोपण कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग ने जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है। अब देखना होगा कि वन विभाग का अमला इस शिकायत पर कितनी तेजी से एक्शन लेता है।

