नागौर नगर परिषद मतदाता सूची में 'AI फर्जीवाड़ा': सांसद हनुमान बेनीवाल ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
नागौर। नागौर नगर परिषद क्षेत्र की मतदाता सूची में फर्जीवाड़े और गंभीर हेरफेर का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने आरोप लगाया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किए गए फर्जी बिजली बिलों और जाली दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में सैकड़ों नाम जोड़े गए हैं। सांसद बेनीवाल ने इस पूरे मामले को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए राज्य निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी से दूरभाष पर बात कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
नियमों को ताक पर रखकर जोड़े गए नाम
सांसद हनुमान बेनीवाल का आरोप है कि नगर परिषद के वार्ड संख्या 60, 26, 29, 30 और 37 सहित कई अन्य वार्डों में 21 अगस्त के बाद नियम विरुद्ध तरीके से सैकड़ों अपात्र लोगों के नाम शामिल किए गए। वहीं दूसरी ओर, कई वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम सूची से गायब कर दिए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर (RO) और चुनाव शाखा के कर्मचारियों ने धनबल और एक विशेष राजनीतिक दल के दबाव में आकर निष्पक्षता से समझौता किया है।
AI और डिजिटल हेरफेर से बने फर्जी बिजली बिल
मामले का सबसे गंभीर पहलू दस्तावेजों की फॉरेंसिक विश्वसनीयता पर उठ रहे सवाल हैं। शिकायत के अनुसार:
निवास प्रमाण के रूप में पेश किए गए अधिकतर बिजली बिल और अन्य दस्तावेज AI तकनीक तथा डिजिटल एडिटिंग के जरिए तैयार किए गए हैं।
सांसद बेनीवाल ने मांग की है कि आवेदन के साथ जमा किए गए सभी संदिग्ध दस्तावेजों का मूल विभाग से मिलान कर उनकी तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराई जाए।
मामले में सांसद बेनीवाल की मुख्य मांगें
भौतिक सत्यापन और ऑडिट: 21 अगस्त के बाद सूची में जितने भी नाम जोड़े या हटाए गए हैं, उनका वार्डवार और नामवार भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराया जाए।
स्वतंत्र जांच दल की नियुक्ति: मामले की जांच किसी निष्पक्ष और वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए, जो नागौर की वर्तमान चुनावी प्रक्रिया से सीधे तौर पर न जुड़ा हो।
दोषियों पर कानूनी कार्रवाई: जाली दस्तावेज बनाने और हेरफेर में शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों व राजनीतिक रसूखदारों पर तुरंत FIR दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
जिला निर्वाचन अधिकारी को चेतावनी
सांसद हनुमान बेनीवाल ने जिला निर्वाचन अधिकारी (नागौर) को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि चुनाव की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मर्यादा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि समय रहते फर्जीवाड़े पर रोक लगाकर मतदाता सूची को शुद्ध नहीं किया गया, तो सड़क से लेकर सदन तक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

