'जनसेवा ही सर्वोच्च धर्म': रतलाम के कायाकल्प के शिल्पकार कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ('भैया जी') का विज़न और समर्पण
रतलाम : राष्ट्रीय राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में जब भी ईमानदारी, उद्योग संवर्धन और निःस्वार्थ लोक कल्याण की बात होती है, तो मध्य प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) कैबिनेट मंत्री तथा रतलाम नगर से लगातार तीसरी बार रिकॉर्ड मतों से विजयी विधायक माननीय श्री चेतन्य जी काश्यप ('भैया जी') का नाम अग्रगण्य रूप से लिया जाता है।
रतलाम की पावन धरा को अपनी कर्मभूमि मानने वाले भैया जी ने राजनीति को सत्ता का माध्यम न बनाकर, इसे समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में प्रकाश फैलाने का संकल्प बनाया है।
1. 'ऋण अदा करने' की भावना और त्याग की अनूठी मिसाल
आज के दौर में जहाँ राजनीति में पद और विशेषाधिकार प्राथमिकता बन जाते हैं, वहीं श्री चेतन्य काश्यप जी ने एक ऐसी मिसाल पेश की है जो पूरे देश में विरली है:
वेतन, भत्ते और पेंशन का त्याग: विधायक बनने के पहले ही दिन से उन्होंने सरकार से मिलने वाले वेतन, भत्ते और पेंशन का पूर्ण त्याग कर दिया। यह राशि सीधे जनहित और निर्धन कल्याणकारी योजनाओं में उपयोग की जाती है।
निःस्वार्थ सेवा भाव: एक सफल उद्योगपति और सक्षम पृष्ठभूमि से आने के कारण उनका राजनीति में आने का उद्देश्य धन अर्जन नहीं, बल्कि केवल अपनी जन्मभूमि का ऋण चुकाना है।
2. MSME क्रांति और औद्योगिक विज़न 2030
एक दूरदर्शी नेता के रूप में उन्होंने मध्य प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को नई दिशा दी है:
लॉजिस्टिक्स व MSME हब: दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेसवे की सामरिक स्थिति का लाभ उठाते हुए वे रतलाम में देश का सबसे बड़ा MSME और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर स्थापित करवा रहे हैं।
स्थानीय रोजगार का सृजन: उनका संकल्प है कि रतलाम और मालवा अंचल के युवाओं को रोजगार के लिए बाहर न भटकना पड़े, बल्कि रतलाम खुद रोजगार का प्रमुख केंद्र बने।
3. संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकार
विकास केवल कंक्रीट के ढांचों तक सीमित नहीं होता, जब तक कि समाज के कमजोर वर्ग का जीवन न बदले:
काश्यप फाउंडेशन और अहिंसा ग्राम: 'झोपड़ी-मुक्त शहर' संकल्प के तहत निर्धन और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले हजारों परिवारों को पक्के मकान और ज़मीन उपलब्ध कराई गई है।
चेतना खेल मेला व सुपोषण अभियान: एशिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में शामिल 'चेतना खेल मेला' के माध्यम से लाखों युवाओं की खेल प्रतिभा को मंच दिया गया है। साथ ही बच्चों को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं।
रतलाम की जनता और समाजसेवियों से अपील
रतलाम की विकास यात्रा जिस गति से आगे बढ़ रही है, उसे देश के शीर्ष शहरों में शामिल करने के लिए दूरदर्शी नेतृत्व और स्थिरता की आवश्यकता है।
"आइए, दलगत राजनीति से ऊपर उठकर रतलाम के स्वर्णिम भविष्य को प्राथमिकता दें। भैया जी के हाथों को और मजबूत करें, ताकि रतलाम विकास, उद्योग, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भारत का रोल मॉडल बन सके।"

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