राजस्थान के प्रसिद्ध मंदिरों से धांधली और चोरी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं!
अयोध्या के राम मंदिर के चर्चा में आने के बाद अब राजस्थान के प्रमुख धर्मस्थलों से चढ़ावे और दान में हेरफेर के गंभीर मामले सामने आ रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश है।
बूटाटी धाम के बाद भरतपुर के बिहारी जी मंदिर में बड़ा घोटाला
हाल ही में नागौर स्थित सुप्रसिद्ध बूटाटी धाम मंदिर में 22.78 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला उजागर हुआ ही था कि अब भरतपुर के प्रसिद्ध बिहारी जी मंदिर से श्रद्धालुओं का भरोसा तोड़ने वाली नई खबर आ गई है।
मंदिर में भगवान के चरणों में अर्पित किया गया 3.65 लाख रुपये मूल्य का असली हीरा गायब कर दिया गया है और उसकी जगह कांच का टुकड़ा लगा दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
दान का दावा: एक स्थानीय व्यापारी की मां ने बताया कि उन्होंने दिसंबर 2024 में बिहारी जी मंदिर में करीब 3.65 लाख रुपये की कीमत का हीरा दान किया था।
पुजारी को सौंपा था हीरा: महिला के अनुसार, दान के समय मंदिर में मनोज भारद्वाज पुजारी थे और उन्होंने हीरा सीधे उन्हीं के सुपुर्द किया था।
कांच का टुकड़ा लगा मिला: हाल ही में जब परिवार को भनक लगी, तो पता चला कि मूर्ति पर असली हीरे की जगह साधारण कांच का टुकड़ा जड़ दिया गया है।
सरकारी विभाग की लापरवाही और अनदेखी
उल्लेखनीय है कि इस मंदिर का संचालन राज्य सरकार के देवस्थान विभाग द्वारा किया जाता है।
पीड़ित व्यापारी परिवार ने जब देवस्थान विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क कर जांच कराने और दान किया गया हीरा दिखाने का आग्रह किया, तो उनकी बात को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
अधिकारियों का रुख: मामले पर देवस्थान विभाग के आयुक्त मुकेश मीणा ने सफाई देते हुए कहा कि जब यह हीरा चढ़ाया गया था, तब वह इस पद पर नहीं थे। हालांकि, उन्होंने शिकायत मिलने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है।
बड़ा सवाल: सरकारी संरक्षण में चल रहे मंदिरों में अगर दान की कीमती वस्तुएं सुरक्षित नहीं हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? श्रद्धालुओं की आस्था से हो रहे इस खिलवाड़ पर अब सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।

