नकली बैंक खोलकर 28 लाख का सोना उड़ाने वाली 'शातिर गैंग' दबोची गई!
बांसवाड़ा / दाहोद: चाहे गुनहगार कितना भी शातिर क्यों न हो या फिर अपराध करके सैकड़ों किलोमीटर दूर ही क्यों न भाग जाए, लेकिन पुलिस के लंबे हाथों से बच पाना नामुमकिन है! राजस्थान सीमा से सटे गुजरात के दाहोद में एक फिल्मी अंदाज़ वाली बड़ी ठगी का पर्दाफाश करते हुए दाहोद पुलिस ने बांसवाड़ा और जोधपुर के शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
चंद घंटों में खड़ा किया नकली बैंक का पूरा सेटअप
घटना दाहोद के गोधरा रोड स्थित लैंडमार्क बिल्डिंग की है। बाहर से आए शातिर बदमाशों ने यहां कुछ ही घंटों के भीतर एक फर्जी बैंक का पूरा सेटअप तैयार कर दिया।
इसके बाद आरोपियों ने दाहोद के 'महावीर ज्वेलर्स' के मालिक से संपर्क किया। ठगों ने झांसा दिया कि:
"जगन्नाथ जी की रथ यात्रा के पावन अवसर पर मंदिर में सोना दान करना है।"
ज्वेलर को अपनी बातों में फंसाकर वे उन्हें इस नकली बैंक में ले आए और झांसा देकर 28 लाख रुपये मूल्य का 200 ग्राम सोना लेकर आंखों में धूल झोंकते हुए रफूचक्कर हो गए।
वारदात में शामिल '3 मुख्य किरदार'
पुलिस की गिरफ्त में आए तीनों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
दीपक रमेश राजपूत: (मुख्य आरोपी) - निवासी: दताली खेड़ा, गांगड़तलाई (बांसवाड़ा)। इसने ज्वेलर को नकली बैंक में बुलाकर सोने की ठगी को अंजाम दिया।
ललित दयाशंकर राठौर: निवासी: जोधपुर। यह ज्वेलर के पास 'सोना खरीदने' का बहाना बनाकर गया था और बाद में दीपक के साथ बाइक पर फरार हो गया।
आदिल वाहिद मस्जिद मकरानी: निवासी: कुशलगढ़ (बांसवाड़ा)। इसने ड्राइवर की भूमिका निभाई; यह दोनों मुख्य आरोपियों को फोर-व्हीलर गाड़ी में दाहोद लेकर आया था।
6 टीमें, 5 दिन और सैकड़ों किलोमीटर की तफ्तीश
घटना की गंभीरता को देखते हुए दाहोद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए 6 अलग-अलग टीमों का गठन किया। सैकड़ों किलोमीटर पीछा करने के बाद महज 5 दिनों के भीतर पुलिस ने राजस्थान से इन तीनों आरोपियों को धर दबोचा।
कुल 38.80 लाख का माल बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से ठगी का पूरा माल बरामद कर लिया है:
200 ग्राम सोना: कीमत 28 लाख
मारुति विक्टोरिया गाड़ी: कीमत 10 लाख
नगदी एवं मोबाइल फोन
दाहोद पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराध कितना भी बड़ा या शातिर क्यों न हो, कानून से बचना नामुमकिन है।


