'ग्रामीण सेवा शिविर अभियान-2026' का शानदार समापन; 381 शिविरों में उमड़ा 1.19 लाख ग्रामीणों का सैलाब, मौके पर ही हुआ समस्याओं का निस्तारण
बांसवाड़ा/राजस्थान।। ग्रामीण विकास और आमजन को राहत पहुंचाने के संकल्प के साथ जिला प्रशासन द्वारा आयोजित 'ग्रामीण सेवा शिविर अभियान-2026' का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। 12 जून से शुरू होकर 13 जुलाई 2026 तक चले इस एक महीने के महाभियान के दौरान जिले भर में कुल 381 शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में ग्रामीणों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला और 1 लाख 19 हजार से अधिक ग्रामीणों ने इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।
शिविरों में राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया गया। मौके पर ही राजस्व, पंचायती राज, बिजली, पानी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का त्वरित निस्तारण कर ग्रामीणों को बड़ी राहत दी गई।
### प्रमुख विभागों की बड़ी उपलब्धियां एवं आंकड़े:
1. राजस्व एवं भूमि सुधार: मिला हक और सुधरे रिकॉर्ड
भूमि आवंटन: ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 345 भूमिहीनों को भूमि आवंटित की गई।
नामांतरण व शुद्धिकरण: ई-धरती पोर्टल के माध्यम से नामांतरण के 4,823 और राजस्व खातों के शुद्धिकरण के 5,529 प्रकरणों को स्वीकृत किया गया।
सीमांकन व विभाजन: सीमा ज्ञान/पत्थरगढ़ी के 1,612 और आपसी सहमति से बंटवारे के 1,206 मामलों का निस्तारण।
प्रमाण पत्र: जाति, मूल निवास और हैसियत प्रमाण पत्र के 10,716 प्रकरण स्वीकृत हुए।
अतिक्रमण पर कार्रवाई: सरकारी व चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के 772 मामलों पर कार्रवाई की गई।
2. पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास: आवास और पट्टों की सौगात
आवास योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 505 प्रथम, 1,768 द्वितीय और 2,358 तृतीय किस्त जारी की गईं।
पट्टों का वितरण: पंचायती राज विभाग द्वारा रिकॉर्ड 17,872 पट्टे जारी किए गए।
राजीविका: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 571 नए स्वयं सहायता समूह (SHG) गठित किए गए।
3. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य: घर-द्वार पर मिलीं बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं
मरीजों का इलाज: शिविरों में कुल 43,131 रोगियों का मुफ्त उपचार किया गया। इसके साथ ही आयुष विभाग ने 13,900 रोगियों को परामर्श और 12,520 को औषधियां बांटीं।
जांच व स्क्रीनिंग: 28,224 लोगों की बीपी-शुगर (NCD) स्क्रीनिंग, 15,570 की टीबी स्क्रीनिंग और 6,896 महिलाओं की ओरल, ब्रेस्ट व सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की गई।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य: 2,778 प्रसव पूर्व (ANC) जांचें की गईं और 1,985 बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण किया गया। 1,588 आयुष्मान (PMJAY) कार्ड भी बांटे गए।
4. विद्युत एवं पीएचईडी (बिजली-पानी): समस्याओं का तत्काल समाधान
बिजली सुधार: ऊर्जा विभाग द्वारा ढीले तारों/खंभों के 943, खराब मीटर के 350, ट्रांसफार्मर बदलने के 121 और बिजली सप्लाई व्यवधान के 1214 मामलों का समाधान किया गया।
पेयजल व्यवस्था: पीएचईडी द्वारा 1,371 हैंडपंपों की मरम्मत की गई और 1,362 जगहों पर पानी की गुणवत्ता जांची गई।
5. पशुपालन विभाग: मूक पशुओं की सेवा और सुरक्षा
पशु चिकित्सा: 20,343 बड़े और 28,378 छोटे पशुओं का उपचार किया गया।
टीकाकरण व दवा: 48,602 पशुओं को एचएस-बीक्यू और 14,675 को एफएमडी के टीके लगाए गए। साथ ही 37,444 मंगला पशु बीमा पॉलिसियां वितरित की गईं।
6. सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा व अन्य योजनाएं
पेंशन व पालनहार: सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 358 नवीन आवेदन और पालनहार योजना के तहत 1,436 प्रकरण स्वीकृत किए गए।
जन आधार: आयोजना विभाग ने 230 नए परिवारों का नामांकन किया और 3,059 जन आधार कार्डों में संशोधन किया।
कृषि व वन: 85,543 किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई और वन विभाग द्वारा 4,142 पौधों का वितरण किया गया।
अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, ग्रामीणों में दिखा संतोष
शिविरों के दौरान जिला कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों और कर्मचारियों ने सीधे ग्रामीणों से संवाद किया। अधिकारियों ने न केवल उनकी समस्याओं को सुना बल्कि मौके पर ही निस्तारण के आदेश दिए। इस महाभियान की सफलता से बांसवाड़ा जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की एक नई लहर देखी जा रही है और ग्रामीणों ने इस पहल के लिए राज्य सरकार व जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।


