श्रावण मास की पवित्रता बनाए रखने की मांग, संत समाज ने जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
कुशलगढ़ उपखंड के घाटा क्षेत्र में अवैध मांस और शराब बिक्री पर रोक लगाने की पुरजोर मांग
संत सभा के प्रदेश अध्यक्ष योगी प्रेमनाथ जी के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया ज्ञापन
बांसवाड़ा, राजस्थान: श्रावण मास के पावन अवसर पर सनातन धर्म की धार्मिक आस्थाओं और परंपराओं की गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए संत समाज और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुखर होकर आवाज उठाई है। इसी क्रम में कुशलगढ़ उपखंड के अंतर्गत आने वाले घाटा क्षेत्र में अवैध मांस और शराब की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को एक गंभीर ज्ञापन सौंपा गया है।
श्रावण मास की पवित्रता और धार्मिक भावनाएं
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना, जलाभिषेक, व्रत-उपवास और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का सबसे पवित्र काल माना जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और शिवभक्त पूरी निष्ठा के साथ धार्मिक आयोजनों में भाग लेते हैं।
संत समाज का कहना है कि ऐसे पावन और आध्यात्मिक वातावरण में खुलेआम हो रही अवैध मांस एवं शराब की बिक्री आमजन और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाती है। साथ ही, इससे क्षेत्र का सामाजिक और आध्यात्मिक माहौल भी दूषित होने की आशंका बनी रहती है।
प्रमुख मांगें एवं प्रशासनिक ज़िम्मेदारियां
अवैध मांस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध: श्रावण मास की पूरी अवधि के दौरान घाटा क्षेत्र में मांस की अवैध बिक्री और कटान पर सख्त पाबंदी लगाई जाए।
शराब के अवैध अड्डों पर शिकंजा: क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे अवैध शराब के कारोबार पर आबकारी और पुलिस विभाग द्वारा प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नियमित निगरानी: संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाएं कि वे क्षेत्र में लगातार गश्त और निरीक्षण करें, ताकि किसी भी असामाजिक गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।
प्रमुख हस्तियों की रही उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपने के दौरान संत समाज के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
योगी प्रेमनाथ जी (प्रदेश अध्यक्ष, संत सभा राजस्थान)
योगी ईश्वरनाथ जी (प्रदेश प्रभारी, संत सभा राजस्थान)
योगी निर्मलनाथ जी
वनखंडीनाथ जी
बालकनाथ जी
किशनगिरी जी
देव जोशी (समाजसेवी, छोटी सरवा)
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद
संत समाज और उपस्थित नागरिकों ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है कि जिला प्रशासन जनभावनाओं और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए श्रावण मास में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर त्वरित और सख्त रोक लगाएगा, जिससे क्षेत्र में शांति, सौहार्द और धार्मिक मर्यादा का वातावरण बना रहे।

