18 साल के लड़के ने सीक्रेटली चढ़ डाला गीज़ा का सबसे बड़ा पिरामिड, टॉप से ली गईं तस्वीरों ने इंटरनेट पर मचाया तहलका!
स्पेशल रिपोर्ट: लगभग 4,500 साल पुराना इतिहास, सैकड़ों फीट ऊंचे ढलानदार पत्थर और जानलेवा खतरा... लेकिन एक जर्मन टीनएजर के जुनून के आगे ये सब फीका पड़ गया। जनवरी 2016 में 18 साल के एंड्रिज सिसिएल्स्की (Andrej Ciesielski) ने मिस्र (Egypt) के अधिकारियों की नजरों से बचकर खूफू के महान पिरामिड (Great Pyramid of Giza) पर गैर-कानूनी तरीके से चढ़ाई कर दी और शिखर पर पहुंचकर कुछ ऐसी तस्वीरें कैमरे में कैद कीं, जो आज से पहले किसी ने शायद ही देखी थीं।
सिर्फ कुछ मिनटों में नाप डाली 4,000 साल पुरानी बुलंदी एंड्रिज ने बताया कि उन्हें ऊपर तक पहुंचने में सिर्फ 18 मिनट का समय लगा, लेकिन यह सफर पल-पल मौत को दावत देने जैसा था। पिरामिड का बाहरी चूना पत्थर (casing stones) समय के साथ खत्म हो चुका है, जिससे अब सिर्फ असमान और बेहद फिसलन भरे विशालकाय पत्थर ही बचे हैं। यहां से ज़रा सा भी पैर फिसलने का मतलब था सीधे सैकड़ों फीट नीचे गिरना और मौत।
टॉप से दिखा ऐसा नज़ारा, जो पहले कभी नहीं देखा गया पिरामिड के शिखर पर पहुंचते ही एंड्रिज ने जो कैमरे में कैद किया, उसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। तस्वीरों में एक तरफ मिस्र का विशाल रेगिस्तान और दूसरी तरफ काहिरा (Cairo) शहर का फैला हुआ नजारा एक साथ दिखाई दे रहा है। जैसे ही ये तस्वीरें इंटरनेट पर अपलोड हुईं, देखते ही देखते वायरल हो गईं।
इतिहास और कानून दोनों से खिलवाड़ फारो खूफू (Pharaoh Khufu) के शासनकाल में बना यह पिरामिड अपनी मूल ऊंचाई 146.6 मीटर के साथ करीब 4,000 सालों तक दुनिया की सबसे ऊंची मानव निर्मित इमारत रहा है। मिस्र की ऐतिहासिक धरोहरों को नुकसान से बचाने और सुरक्षा कारणों से इस पर चढ़ना सख्त मना और गैर-कानूनी है।
नीचे उतरते ही मिस्र की पुलिस ने एंड्रिज को हिरासत में ले लिया था। हालांकि, कानून तोड़ने के बावजूद उनके इस दुस्साहस और शिखर से ली गई दुर्लभ तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर इतिहास रच दिया।

