Rajasthan Panchayat Chunav 2026: भ्रष्ट पूर्व सरपंच नहीं लड़ पाएंगे चुनाव? जानिए नए नियम और पंचायती राज विभाग की तैयारी

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राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: भ्रष्ट पूर्व सरपंचों पर कसेगा शिकंजा, चुनाव लड़ने पर लटकी तलवार!

राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनाव 2026 की बिगुल बजने के साथ ही सियासी पारा चढ़ गया है। करीब 1000 से अधिक पूर्व सरपंचों के आगामी पंचायत चुनाव लड़ने को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। पंचायती राज विभाग और राज्य सरकार ऐसे पूर्व जनप्रतिनिधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है, जिन पर उनके कार्यकाल के दौरान गंभीर आरोप लगे थे।

राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: 1000 पूर्व सरपंचों की राह में रोड़ा, चुनाव लड़ने पर संशय!

किन पूर्व सरपंचों पर हो सकती है कार्रवाई?

पंचायती राज अधिनियम के तहत जांच के दायरे में आए ऐसे पूर्व सरपंचों पर गाज गिर सकती है, जिन पर:

  • सरकारी धन का गबन: 14वें/15वें वित्त आयोग या मनरेगा (MGNREGA) के बजट में वित्तीय अनियमितताएं पाई गई हों।

  • पद का दुरुपयोग: फर्जी पट्टे जारी करने, नियमों के खिलाफ निर्माण स्वीकृतियां देने या सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कराने के आरोप सिद्ध हुए हों।

  • जांच में दोषी: धारा 38 (पद से हटाने या अयोग्य घोषित करने) के तहत विभागीय या न्यायिक जांच पूरी हो चुकी हो या रिकवरी का नोटिस जारी हो चुका हो।

क्या वे आगामी पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे?

राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 के प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी जनप्रतिनिधि को भ्रष्टाचार, गबन या गंभीर अनियमितता का दोषी पाकर पद से हटाया गया है या उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला लंबित है, तो उन्हें चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य (Disqualified) घोषित किया जा सकता है।

राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक, यदि जांच अधिकारी की रिपोर्ट में गबन की पुष्टि हो जाती है और धारा 38 के तहत अंतिम आदेश पारित हो जाता है, तो ऐसे पूर्व सरपंचों के नामांकन पत्र (Nomination Papers) संवीक्षा (Scrutiny) के दौरान रद्द किए जा सकते हैं।

पंचायत चुनाव 2026 से जुड़े प्रमुख नए अपडेट और नियम

  1. आरक्षण लॉटरी शेड्यूल: जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्यों, सरपंच और वार्ड पंच के लिए आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया 23 और 24 सितंबर को आयोजित की जाएगी।

  2. चुनावी समय-सीमा: राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत 15 नवंबर 2026 तक पंचायती राज चुनावों की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराने का लक्ष्य रखा गया है।

  3. शपथ पत्र में पूरी जानकारी आवश्यक: इस बार नामांकन पत्र दाखिल करते समय लंबित मामलों, रिकवरी नोटिस और वित्तीय देनदारियों का ब्योरा देना अनिवार्य होगा। गलत या अधूरी जानकारी छिपाने पर चुनाव रद्द किया जा सकता है।

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