कुशलगढ़ नगर पालिका चुनाव: नतीजे घोषित, अब सबकी नजरें बोर्ड गठन और अध्यक्ष की कुर्सी पर!
कुशलगढ़ (बांसवाड़ा): बांसवाड़ा जिले की कुशलगढ़ नगर पालिका चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद अब शहर की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कुल 20 वार्डों के घोषित परिणामों में मुकाबला बेहद दिलचस्प और रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है।
चुनाव नतीजों की स्थिति:
भारतीय जनता पार्टी (BJP):
10 सीटें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस:
9 सीटें निर्दलीय:
1 सीट कुल वार्ड:
20
जादुई आंकड़े पर फंसा पेंच
20 सदस्यीय नगर पालिका बोर्ड में स्पष्ट बहुमत प्राप्त करने और अपना अध्यक्ष बनाने के लिए 11 पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता है।
भाजपा:
बहुमत के आंकड़े से महज 1 सीट दूर है। कांग्रेस:
बोर्ड बनाने के लिए 2 पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी।
किंगमेकर बना 1 निर्दलीय पार्षद
इस पूरे समीकरण के बीच अब सारा दारोमदार अकेले निर्दलीय पार्षद पर टिक गया है।
सूत्रों के अनुसार, चुनाव जीतने वाले निर्दलीय पार्षद मूलतः भाजपा की विचारधारा से जुड़े रहे हैं, लेकिन टिकट वितरण से नाराजगी के चलते उन्होंने बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा था। अब देखना दिलचस्प होगा कि वे किस शर्त पर भाजपा को समर्थन देते हैं या फिर पासा पलटते हुए कांग्रेस के खेमे में जाते हैं।
जोड़-तोड़ और रणनीतियों का दौर शुरू
कुशलगढ़ की कुर्सी को लेकर दोनों ही पार्टियों में गोटियां बैठना शुरू हो गई हैं।
क्या भाजपा अपने बागी को मनाकर 11 का आंकड़ा पार करेगी और अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाएगी?
या कांग्रेस किसी मजबूत रणनीतिक जोड़-तोड़ के जरिए बाजी मार ले जाएगी?
हालांकि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भाजपा का बोर्ड बनने की संभावनाएं अधिक नजर आ रही हैं, लेकिन राजनीति में आखिरी क्षणों तक कुछ भी संभव है। कुशलगढ़ में मुकाबला अब केवल जीत-हार का नहीं, बल्कि 'जादुई 11' तक पहुंचने की राजनीतिक ताकत का बन चुका है।

