₹3300 करोड़ के मालिक BJP विधायक बने भिखारी, मुंबई की सड़कों पर मांगी भीख

0
Translate News:

₹3300 करोड़ के मालिक BJP विधायक पराग शाह बने भिखारी, मुंबई की सड़कों पर मांगी भीख; जानिए क्या था सच

मुंबई : महाराष्ट्र के सबसे अमीर विधायकों में शुमार और मुंबई के घाटकोपर ईस्ट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक पराग शाह का एक अनोखा अनुभव सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा में है। करीब ₹3,383 करोड़ की संपत्ति और रियल एस्टेट कारोबार के मालिक पराग शाह अपनी सुरक्षा, गाड़ियां और लग्जरी लाइफस्टाइल छोड़कर मुंबई की सड़कों पर भिखारी के वेश में घूमते नजर आए।

अमीरी छोड़कर सड़कों पर उतरे पूर्व विधायक पराग शाह, भिखारी का रूप धर जानी जीवन की कड़वी सच्चाई

जैन मुनि की प्रेरणा से बदला रूप

पराग शाह ने बताया कि उन्होंने यह कदम अपने जैन राष्ट्रसंत नम्रमुनि महाराज साहेब के प्रवचन और सलाह के बाद उठाया। गुरुदेव ने उन्हें सीख दी थी कि व्यक्ति को मिलने वाला मान-सम्मान अक्सर उसके पद, वैभव और पैसे का होता है, न कि उसकी आत्मा का। यदि इंसान के पास वैभव न रहे, तो उसकी पहचान बदल जाती है। इसी सत्य और जीवन की असलियत को महसूस करने के लिए उन्होंने अपना मेकअप कराकर पहचान छिपाई और करीब तीन घंटे तक घाटकोपर स्टेशन और आसपास की सड़कों पर आम भिखारी की तरह समय बिताया।

अंगरक्षक तो दूर, घर वाले और वॉचमैन भी नहीं पहचान पाए

मेकअप इतना सटीक था कि घाटकोपर की सड़कों पर उनके अपने परिवार के लोग और ऑफिस के बाहर खड़ा वॉचमैन भी उन्हें नहीं पहचान सका। जब वे अपने ही दफ्तर के पास पहुंचे तो गार्ड ने उन्हें वहां से हटा दिया।

मुंबई में ₹3300 करोड़पति BJP विधायक का अनोखा प्रयोग: भिखारी बनकर मांगी भीख, मिले 20 रुपये और समोसा

भीख में मिले ₹20 और समोसा, दिखा मुंबई का दिल

सड़कों पर भटकते हुए पराग शाह ने लोगों से मदद मांगी। इस दौरान एक राहगीर ने उन्हें ₹20 दिए और खाना खाने को कहा। वहीं, एक छोटे से समोसे विक्रेता के पास जाकर जब उन्होंने भूखे होने की बात कही, तो उसने बिना कोई पैसा लिए मुस्कुराते हुए उन्हें समोसा थमा दिया। इसके अलावा एक मुफ्त भोजन बांटने वाले केंद्र पर भी उन्हें दाल-चावल और पानी की बोतल मिली।

"पद और पैसे का ही सम्मान है, इंसान का नहीं"

इस अनुभव के बाद पराग शाह ने अपना वेश हटाया और उन जगहों पर दोबारा जाकर लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा, "जो लोग रोज़ मुझसे मिलने के लिए कतार में खड़े रहते हैं, जब मैं भिखारी बनकर उनके सामने गया तो सब बदल गया। यह अनुभव सिखाता है कि दुनिया में मान-सम्मान पद और पैसे का है। लेकिन इस दौरान मुझे यह भी देखने को मिला कि मुंबई के गरीब से गरीब लोग भी एक-दूसरे की मदद करने में दिलदार हैं।"

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)
Loading...
To Top