बांसवाड़ा। जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) बुढ़वा में पेयजल व्यवस्था और हॉस्टल की स्थिति को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। छात्रावास में रखी पानी की टंकी में कथित तौर पर मरी हुई छिपकली मिलने और दूषित पानी की आपूर्ति के आरोप में एक अभिभावक ने जिला कलेक्टर से उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आरओ के पानी से आई कड़वाहट, जांच में खुली पोल शिकायत के अनुसार, 12 सितंबर को विद्यालय में आयोजित पीटीसी (Parent-Teacher Committee) बैठक के बाद एक अभिभावक हॉस्टल में रह रहे अपने बीमार बच्चे से मिलने पहुंचे थे। हॉस्टल परिसर में लगे आरओ का पानी पीने पर उसमें अत्यधिक कड़वाहट और दुर्गंध महसूस हुई। जब पानी की टंकी को खोलकर देखा गया, तो उसमें गंदगी के साथ कथित तौर पर एक मरी हुई छिपकली तैरती हुई मिली। अभिभावक ने इसका वीडियो बनाने का दावा भी किया है।
प्रशासनिक लापरवाही और अभद्रता के गंभीर आरोप अभिभावक का आरोप है कि दूषित पेयजल आपूर्ति की वजह से हॉस्टल के कई अन्य बच्चे भी लगातार बीमार पड़ रहे हैं। शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब इस अव्यवस्था पर सवाल उठाए गए, तो प्राचार्य एवं अन्य स्टाफ सदस्यों ने अभिभावक के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की, मोबाइल छीनने की कोशिश की और उन्हें धमकाया।
अभिभावक ने जिला कलेक्टर से की ये प्रमुख मांगें:
स्वतंत्र लैब से जांच: दूषित पानी के सैंपल और जल शोधन में इस्तेमाल दवाइयों की किसी निष्पक्ष व स्वतंत्र लैब से त्वरित जांच कराई जाए।
CCTV फुटेज और साक्ष्य संरक्षण: घटना के दिन की पूरी स्थिति स्पष्ट करने के लिए हॉस्टल परिसर के सीसीटीवी फुटेज तुरंत सुरक्षित किए जाएं।
सफाई व स्वास्थ्य जांच: पानी की सभी टंकियों की तत्काल सफाई कराई जाए और हॉस्टल में रह रहे बच्चों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।
दोषियों पर कार्रवाई: धक्का-मुक्की, अभद्रता और बच्चों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों को चिह्नित कर कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।

