बांसवाड़ा: मनरेगा मेट और मजदूरों का फूटा गुस्सा, भुगतान और रोजगार न मिलने पर विकास अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
आनंदपुरी (बांसवाड़ा, राजस्थान)। आनंदपुरी उपखंड मुख्यालय पर मनरेगा मेट एवं मजदूर संघ (ब्लॉक आनंदपुरी) के बैनर तले मेटों और मजदूरों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संघ ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
ग्रामीणों और संघ का कहना है कि VBG RAMJI योजना (मनरेगा) के तहत गरीब परिवारों को न तो समय पर रोजगार मिल रहा है और न ही किए गए कार्यों का समय पर भुगतान हो रहा है।
पलायन से बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा बुरा असर
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि एक-एक ग्राम पंचायत में 1500 से 2000 जॉब कार्डधारक हैं, लेकिन महज 20 से 25 लोगों को ही काम दिया जा रहा है। धरातल पर नए कार्यों की स्वीकृतियां ठप्प पड़ी हैं।
स्थानीय स्तर पर काम न मिलने के कारण गरीब मजदूर परिवार गुजरात, मध्य प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं। इस पलायन की सबसे बड़ी कीमत मजदूरों के बच्चों को चुकानी पड़ रही है, जिनकी पढ़ाई पूरी तरह से ठप्प हो रही है।
त्योहारों पर भी नहीं मिला मानदेय
आक्रोशित मेटों और मजदूरों ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहार पर भी जून माह का बकाया भुगतान न होना बेहद शर्मनाक है। संगठन द्वारा अब तक कलेक्टर, सीईओ और विकास अधिकारी को 10 से 15 बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन शासन-प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
संघ की प्रमुख मांगें:
समयबद्ध भुगतान: जून माह का बकाया और अन्य लंबित भुगतान 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए।
तकनीकी रियायत: नेटवर्क या अन्य कारणों से फेस स्कैनिंग न होने पर मजदूरों की ऑफलाइन हाजिरी मान्य की जाए, उन्हें काम से न लौटाया जाए।
संसाधन एवं अधिकार: मेटों को हाजिरी भरने के लिए आवश्यक उपकरण दिए जाएं, उन्हें संविदा कर्मी का दर्जा मिले और अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया जाए।
नया कार्य एवं शत-प्रतिशत रोजगार: टीएसपी (TSP) क्षेत्र में पलायन रोकने के लिए तुरंत नए कार्यों की स्वीकृति जारी कर सभी जॉब कार्डधारियों को काम दिया जाए।
उग्र आंदोलन और अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
ज्ञापन देने पहुंचे संघ के जिलाध्यक्ष गणेश डामोर और ब्लॉक अध्यक्ष पियुष चन्द्र पटेल ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द मांगों का निस्तारण नहीं किया, तो बांसवाड़ा जिले में एक बड़ा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष रमेश कटारा, प्रवक्ता अर्जुन डामोर, अशोक ताबियार, लक्ष्मण डामोर, विजयपाल पारगी, वस्तुपाल डामोर, रमेश चन्द्र बरजोड, नारायण, सरदार, रमीला देवी, प्रकाश, लालसिंह, कांति लाल, पूंजीलाल, देवीलाल, सुभाष, कर्पूरचंद, सरदार सिंह, मणिशंकर और नरेश चन्द्र सहित बड़ी संख्या में मेट व मजदूर साथी मौजूद रहे।

