सेहत से खिलवाड़ या नियमों की अनदेखी? बांसवाड़ा में Mobile Tower निर्माण पर बवाल

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घनी आबादी में मोबाइल टावर लगाने से मंडराया सेहत और सुरक्षा पर खतरा, वार्ड 28 के रहवासियों ने कलेक्टर से लगाई रोक की गुहार

बांसवाड़ा : नगर परिषद वार्ड नंबर 28, अगरपुरा (बांसवाड़ा) में एक आवासीय मकान की छत पर गैर-कानूनी तरीके से नया मोबाइल टावर लगाए जाने के विरोध में स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वार्डवासियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाने की पुरजोर मांग की है।

बांसवाड़ा: घनी आबादी में मोबाइल टावर लगाने पर भारी विरोध, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

रहवासियों का आरोप है कि स्थानीय निवासी सुरेश महाराज के मकान पर पहले से ही एक मोबाइल टावर स्थापित है। इसके बावजूद अब उसी जगह दूसरा नया टावर लगाने का काम नियमों को ताक पर रखकर, प्रशासन से छुपते-छुपाते देर रात के अंधेरे में कराया जा रहा है।

घनी आबादी में मोबाइल टावर से संभावित नुकसान और खतरे

ज्ञापन में क्षेत्रवासियों ने घनी आबादी वाले इलाके में मोबाइल टावर लगाए जाने से उत्पन्न होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों पर गहरी चिंता व्यक्त की है:

  • स्वास्थ्य पर असर: टावर से निकलने वाले इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन (EMR) के लगातार संपर्क में रहने से अनिद्रा, सिरदर्द, तनाव और दीर्घकालिक रूप से अन्य स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

  • ध्वनि एवं वायु प्रदूषण: टावर के संचालन के लिए लगने वाले भारी-भरकम डीजल जनरेटरों से निकलने वाला जहरीला धुआं और लगातार होने वाला शोर बच्चों और बुजुर्गों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।

  • संरचनात्मक एवं हादसे का खतरा: पुरानी या कमजोर छतों पर दो-दो भारी टावर खड़े करने से इमारत के ढहने का जोखिम बढ़ जाता है। वहीं, आंधी-तूफान के समय इतनी घनी बस्ती में टावर या उसके उपकरण गिरने से जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय निवासियों ने आशंका जताई है कि इस निर्माण कार्य में नियमों और आवश्यक स्वीकृतियों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। वार्डवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि:

  1. पूर्व में स्थापित टावर और नए बन रहे टावर, दोनों की तकनीकी व प्रशासनिक अनुमतियों की जांच की जाए।

  2. निर्माण में सुरक्षा और दूरी के मानकों (NOC) की पुष्टि की जाए।

  3. नियमों के विपरीत पाए जाने पर अवैध निर्माण को तुरंत रुकवाकर सख्त कार्रवाई की जाए।

इस विरोध प्रदर्शन और शिकायत पत्र पर वार्ड के दर्जनों आक्रोशित नागरिकों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।

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