ऑपरेशन सुदर्शन चक्र-2 व त्रिनेत्र: बांसवाड़ा पुलिस का बड़ा प्रहार, एक ही दिन में 160 आरोपी गिरफ्तार; 22 अवैध शराब भट्टियां ध्वस्त
बांसवाड़ा : जिले में अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने एक बार फिर अपना कड़ा रुख अपनाया है। जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देशन में 'ऑपरेशन सुदर्शन चक्र-2' और 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत चलाए गए विशेष एरिया डोमिनेशन अभियान में पुलिस को भारी सफलता हासिल हुई है। पुलिस टीम ने जिलेभर में एक साथ दबिश देकर 160 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
63 टीमों में 288 जवानों ने 392 ठिकानों पर मारा छापा
कानून-व्यवस्था मजबूत करने और असामाजिक तत्वों में खौफ पैदा करने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस एक दिवसीय अभियान के लिए पुलिस महकमे ने पूरी तैयारी की थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह एवं समस्त वृत्ताधिकारियों के सुपरविजन में 63 विशेष टीमों का गठन किया गया, जिसमें 288 पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया। इन टीमों ने अलसुबह से ही जिले के 392 चिन्हित संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी, जिससे अपराधियों में हड़कंप मच गया।
15 हजार की इनामी महिला आरोपी सहित वांछित धरे गए
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 15 हजार रुपए की इनामी महिला आरोपी समेत कई लंबे समय से फरार और वांछित अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई। इसके अतिरिक्त:
प्रतिबंधात्मक कार्रवाई: शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 97 आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की गई।
वारंट तामील: लंबे समय से पेंडिंग चल रहे 21 गिरफ्तारी वारंट और 6 एनआई (NI) एक्ट के स्थायी वारंट तामील कराते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
अवैध शराब के नेटवर्क पर सर्जिकल स्ट्राइक
अभियान के दौरान अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर पुलिस का सबसे बड़ा प्रहार देखने को मिला।
आबकारी अधिनियम के तहत कुल 25 प्रकरण दर्ज कर 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
मौके से 202 लीटर देशी और 18 लीटर अंग्रेजी शराब जब्त की गई।
अवैध शराब बनाने के अड्डों को निशाना बनाते हुए पुलिस ने 22 अवैध भट्टियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और लगभग 5,355 लीटर महुआ वॉश नष्ट किया।
पुलिस की इस त्वरित और व्यापक कार्रवाई से जिले के असामाजिक तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर कायम करने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

