राम मंदिर चंदा विवाद: "पहले दिन से ही खेल चल रहा था, इसीलिए दर्शन करने नहीं गया", बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा हमला
नई दिल्ली/अयोध्या: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी और वित्तीय हेराफेरी का मामला अब शांत होने के बजाय और तूल पकड़ता जा रहा है। साधु-संतों और विपक्षी दलों के तीखे हमलों के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के ही कद्दावर नेता और रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने इस विवाद में कूदकर एक बेहद सनसनीखेज बयान दे दिया है। अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाने वाले बृजभूषण ने सीधे राम मंदिर ट्रस्ट और वहां की पूरी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
"चार साल पहले ही बोल चुका हूँ सारा खेल"
चंदा विवाद पर मीडिया से बात करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने किसी का नाम लिए बिना मंदिर प्रबंधन पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा:
"मुझे जो बोलना है, मैं पहले ही बोल चुका हूं। और तब बोला था जब इस संसार में कोई नहीं बोला था... चार साल पहले ही बोल चुका हूं। इसीलिए मैं आज तक राम जन्मभूमि दर्शन करने नहीं गया, क्योंकि वहां पहले दिन से ही खेल चल रहा था।"
बयान के सियासी मायने और गर्माया माहौल
बृजभूषण शरण सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर ट्रस्ट पर जमीन खरीद और चंदे की रसीदों को लेकर विपक्षी दल लगातार पारदर्शिता के सवाल उठा रहे हैं। कई स्थानीय साधु-संतों ने भी व्यवस्थाओं पर असंतोष जताया है।
लेकिन, विपक्ष के आरोपों के बीच सत्ताधारी दल (BJP) के ही एक बड़े और सीनियर नेता द्वारा "पहले दिन से खेल चलने" की बात कहना और यह खुलासा करना कि इसी वजह से उन्होंने अब तक रामलला के दर्शन नहीं किए, इस पूरे विवाद को एक नया राजनीतिक मोड़ दे सकता है।
ट्रस्ट और व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल
बृजभूषण शरण सिंह के इस चौकाने वाले दावे के बाद अब राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया से लेकर टीवी डिबेट्स तक में यह सवाल उठने लगा है कि क्या वाकई मंदिर ट्रस्ट के भीतर कुछ ऐसा चल रहा था जिसकी भनक बृजभूषण को चार साल पहले ही लग गई थी?
फिलहाल, इस तीखे बयान पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट या बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस बयान ने विरोधियों को बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा जरूर दे दिया है।

