Breaking News
Loading...

पुलिसकर्मी की कथित बर्बरता से झुलसी 27 वर्षीय रेशू, न्याय की गुहार लगा रहा परिवार

0

 

खाकी पर दाग? जयपुर में पुलिसकर्मी की कथित बर्बरता से झुलसी 27 वर्षीय रेशू, न्याय की गुहार लगा रहा परिवार

जयपुर/राजस्थान राजधानी जयपुर के जगतपुरा इलाके से खाकी को शर्मसार करने वाली एक बेहद गंभीर और संवेदनशील घटना सामने आई है। परिवार का पेट पालने के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रही एक 27 वर्षीय युवती, पुलिस की कथित लापरवाही और संवेदनहीनता के कारण आज अस्पताल के बिस्तर पर अपने भविष्य के लिए आंसू बहा रही है।

महज 25 दिन पहले शुरू हुआ आत्मनिर्भरता का सफर, अब अस्पताल की पट्टियों और पुलिसिया कार्रवाई के बीच इंसाफ की जंग में तब्दील हो चुका है।

Reshu Gupta injured by police in Jaipur

क्या है पूरा मामला?

घटना बीते 19 जून की शाम जगतपुरा के महल रोड की है। बीएससी (B.Sc) पास 27 वर्षीय रेशू गुप्ता अपने परिवार की आर्थिक मदद के लिए वहां 'हेल्दी आटा मोमोज' का एक छोटा सा कार्ट (ठेला) लगाती थीं।

रेशू के आरोपों के मुताबिक, शाम के समय जब वह अपना ठेला लगा रही थीं और स्टीमर में पानी उबल रहा था, तभी पुलिस की एक गाड़ी वहां पहुंची और उन्हें तुरंत ठेला हटाने को कहा। रेशू ने पुलिसकर्मी से मिन्नत करते हुए कहा कि स्टीमर में खौलता हुआ पानी है, वह इसे सावधानी से हटा रही हैं। लेकिन आरोप है कि पुलिसकर्मी ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार करते हुए उबलते हुए स्टीमर को धक्का दे दिया।

चीखती रही युवती, मौके से भागने का आरोप

स्टीमर पलटते ही खौलता हुआ पानी रेशू के शरीर पर आ गिरा। इस हादसे में उनकी छाती, हाथ और जांघ बुरी तरह झुलस गए। रेशू का आरोप है कि जब वह दर्द से तड़प रही थीं और चीख रही थीं, तब मदद करने के बजाय आरोपी पुलिसकर्मी मौके से फरार हो गए। बाद में उनकी बहन खुशबू ने उन्हें संभाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया।

"घावों से ज्यादा भविष्य का डर मार रहा है" अस्पताल के बिस्तर से रेशू ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा— "दर्द सिर्फ इन शारीरिक घावों का नहीं है, बल्कि भविष्य की चिंता का है। मेरी अभी शादी भी नहीं हुई है, छाती का हिस्सा बुरी तरह झुलस चुका है। आगे की जिंदगी कैसी होगी, यह सोचकर ही रूह कांप जाती है।"

पिता के निधन के बाद संभाली थी घर की कमान

रेशू के पिता का निधन हो चुका है। उच्च शिक्षित (B.Sc) होने के बावजूद जब काफी समय तक नौकरी नहीं मिली, तो उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी बड़ी बहन के साथ मिलकर घर का खर्च चलाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए महज 25 दिन पहले ही यह मोमोज का कार्ट शुरू किया था। उन्हें क्या पता था कि कानून के रखवाले ही उनके इस छोटे से सपने को इस तरह झुलसा देंगे।

Reshu Gupta injured by police in Jaipur

FIR दर्ज कराने में आई मुश्किलें, समझौते का दबाव!

पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस खौफनाक हादसे के बाद पुलिस प्रशासन का रवैया सहयोगात्मक नहीं रहा। एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। परिवार का दावा है कि उन पर मामले को रफा-दफा करने और समझौते का भारी दबाव बनाया गया, यहाँ तक कि शिकायत करने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई।

निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग

फिलहाल इन गंभीर आरोपों की आधिकारिक स्तर पर निष्पक्ष जांच होना बाकी है। लेकिन इस घटना ने स्थानीय कानून व्यवस्था और पुलिस के मानवीय चेहरे पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित रेशू और उनका परिवार अब सिर्फ एक ही मांग कर रहा है— मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)