ACB की बड़ी कार्रवाई: फर्जी मेडिकल पेंशनर्स डायरी घोटाले का स्थाई वारंटी जयप्रकाश उर्फ 'JP' गिरफ्तार
जयपुर/अलवर: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) राजस्थान ने राज्य में फरार और स्थाई वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। फर्जी मेडिकल पेंशनर्स डायरी प्रकरण में लंबे समय से फरार चल रहे स्थाई वारंटी आरोपी जयप्रकाश उर्फ जे.पी. (पुत्र उदयचन्द शर्मा, निवासी अलवर) को खेड़ली से धर दबोचा गया।
जानकारी अनुसार राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने फर्जी मेडिकल पेंशनर्स डायरी घोटाले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे स्थाई वारंटी आरोपी जयप्रकाश उर्फ जे.पी. को गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी ने यह कार्रवाई फरार एवं स्थाई वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अलवर के खेड़ली से अंजाम दी।
फर्जी डायरियों से सरकार को लगाया लाखों का चूना ACB के महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता के अनुसार, आरोपी जयप्रकाश ने अपने पिता उदयचन्द और भाई भूपेन्द्र शर्मा के साथ मिलकर एक बड़ा आपराधिक षड्यंत्र रचा था। इन्होंने खेड़ली स्थित 'मोहन ऑफसेट प्रिंटर्स' से फर्जी मेडिकल पेंशनर्स डायरियां छपवाकर राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचाया और खुद अवैध लाभ कमाया।
उल्लेखनीय है कि पकड़ा गया आरोपी जयप्रकाश इस पूरे फर्जीवाड़े के मुख्य सरगना भूपेन्द्र शर्मा का सगा भाई है, जबकि इसके पिता उदयचन्द शर्मा को ब्यूरो पहले ही गिरफ्तार कर चुका है।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज, कोर्ट में पेशी जांच में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (1988) की धारा 13(1)(c), 13(1)(d) सहपठित 13(2) और IPC की धारा 420, 467, 468, 471, 477-A, 409 व 120-B के तहत अपराध प्रथम दृष्टया साबित हुए हैं। जयपुर महानगर स्थित विशेष ACB कोर्ट द्वारा जारी स्थाई वारंट की तामील करते हुए टीम ने उसे गिरफ्तार किया है। आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
इस टीम ने दिया कार्रवाई को अंजाम यह सफल कार्रवाई ACB की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव, उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कौशिक के सुपरविजन में पुलिस निरीक्षक अर्चना मीणा द्वारा सफलतापूर्वक पूरी की गई।
सरकारी खजाने को पहुंचाया भारी नुकसान
एसीबी के महानिदेशक (पुलिस) गोविंद गुप्ता ने बताया कि जांच में आरोपी जयप्रकाश, उसके पिता उदयचंद शर्मा और भाई भूपेंद्र शर्मा की मिलीभगत से हुए एक बड़े आपराधिक षड्यंत्र का खुलासा हुआ है। आरोपियों ने खेड़ली स्थित 'मोहन ऑफसेट प्रिंटर्स' से फर्जी मेडिकल पेंशनर्स डायरियां छपवाकर राज्य सरकार को भारी आर्थिक चूना लगाया और अवैध लाभ कमाया। पकड़ा गया आरोपी जयप्रकाश इस पूरे खेल के मुख्य सरगना भूपेंद्र शर्मा का सगा भाई है।
इन संगीन धाराओं में मामला दर्ज
जांच में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (फर्जी दस्तावेज तैयार करना) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं।
अदालत में पेश करने की तैयारी
जयपुर महानगर स्थित विशिष्ट न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) द्वारा जारी स्थाई वारंट की तामील करते हुए एसीबी की टीम ने आरोपी को दबोच लिया। यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव, डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह और एएसपी प्रशांत कौशिक के सुपरविजन में पुलिस निरीक्षक अर्चना मीणा के नेतृत्व में की गई। आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए अदालत में पेश किया जा रहा है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएं:
एसीबी टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1064 | व्हाट्सएप हेल्पलाइन: 9413502834

